Sun. Oct 25th, 2020

Haryana

जन्माष्टमी का पर्व देश के अलग अलग स्थानों पर हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कहीं झांकियां तो कहीं दही हांडी का खेल आयोजित हुआ।

गुड़गांव के ओआरसी में कृष्ण की बाल लीलाओं का अलग ही रुप दिखा। लगान और मुन्ना भाई एमबीबीएस की नेत्री ग्रेसी सिंह ने साथियों के साथ जब कृष्ण की बाल लीलाओं को जीवंत किया तो पूरा ओआरसी कृष्ण मय हो गया। देश के अलग अलग हिस्सों में मनी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी में लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में फिल्म अभिनेत्री ग्रेसी सिंह, गीतकार कवि नारायण अग्रवाल एवं साथियों के द्वारा बहुत ही सुंदर कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमें संपूर्ण भारत के प्रसिद्ध मंदिरों में की जाने वाली श्रीकृष्ण भक्ति के सजीव चित्रण ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। श्री राधे व मीरा के प्रेम के भावनात्मक दृष्य सभी के दिल को छू गए। इस उपलक्ष्य में स्प्रिंग आफ ज्वाय एण्ड हैप्पीनेस विषय पर टॉक शो का भी आयोजन हुआ जिसमें संस्था के अतिरिक्त महासचिव बीके ब्रजमोहन, ओआरसी की निदेशिका बीके आशा ने अनेक प्रश्नों के उत्तर दिए।

 

वहीं ओआरसी में भव्य और आकर्षक झांकियों का आयोजन हुआ। जिसका उद्घाटन ओआरसी की निदेशिका बीके आशा ने किया। श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं के देखने के लिए दूर दूर से हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। श्रीकृष्ण के चरित्रों की चैतन्य झांकयों में सत्यभामा एवं रूक्मिणी, माखन चोर, श्रीकृष्ण एवं अर्जुन संवाद, श्रीकृष्ण एवं सुदामा मिलन तथा अतींद्रिय सुख का झूला विशेष रही। अन्य झांकियों में मगरमच्छ की गुफा के अंदर बनाए गए शिव एवं श्रीकृष्ण के मंदिर एवं पुष्पक विमान लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा।

 

इस पावन पर्व पर भिलाई सेवाकेंद्र द्वारा तालपुरी में पहली बार ध्वनि एवं प्रकाश के सुंदर संयोजन युक्त झांकी का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन उच्च तकनिकी शिक्षा मंत्री प्रेम प्रकाश पांडे ने किया। इस दौरान भिलाई सेवाकेंद्रों की मुख्य संचालिका बीके आशा और वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके प्राची ने संस्था के विश्वव्यापी सेवाओं से अवगत कराया तथा सतयुग के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सतयुग में संस्कारों की रास और विपरित परिस्थितियों में भी सुख शांति के झूल में झूलना है जिसके लिए राजयोग का अभ्यास आवश्यक है। इस झांकी का बड़ी संख्या में लोगों ने अवलोकन किया।

 

वहीं कोलकाता के ज्ञानमंच में कोलकाता म्यूज़ियम सेवाकेंद्र द्वारा एक्सपीरियंस गोल्डन एजेड आर्ट एण्ड कल्चर विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसका शुभारंभ पश्चिम बंगाल पुलिस के डीजी आईपीएस वीरेंद्र गुप्ता, फिल्म अभिनेत्री छांदा चैटर्जी, इको डायग्नोस्टिक सेंटर के एमडी डॉ एस के शर्मा, फिस्सी फ्लो के चेयरपर्सन सुचंद्रा भुटौरिया, जादूगर शुबीर सरकार, सेवाकेंद्र प्रभारी बीके कानन समेत कई विशिष्ट लोगों ने कैंडल लाइटिंग कर किया।

इस महोत्सव के दौरान अतिथियों ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि किस तरह से राजयोग मेडिटेशन शांति, खुशी और स्थिरता को बढ़ाता है जिससे प्रोफेशनल, पर्सनल और सोशल लाइफ पर अच्छा असर पड़ता है। इसके साथ ही अतिथियों को ईश्वरीय सौगात भेंट की गई।

 

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव गुजरात में वडोदरा के अटलादरा सेवाकेंद्र पर भी मनाया गया। इस मौके पर आयोजित सेमिनार का शुभारंभ एजीएम वाय एन जडेजा, तक्षशिला कॉलेज के चेयरमैन रूत्विक सोलंकी, सेवाकेंद्र प्रभारी बीके अरूणा और बीके पूनम ने कैंडल लाइटिंग कर किया। जिसमें वक्ता बीके कबीर ने बताया कि तनावमुक्त रहने के लिए अफरमेशन, एक्सेप्टेंस, विज़ुलाइज़ेशन, ग्रैटीट्यूड आदि का अभ्यास करना ज़रूरी है वहीं एक सुंदर नृत्यनाटिका के माध्यम से कलाकारों के द्वारा श्रीकृष्ण के चरित्र का वर्णन किया गया।

 

वहीं बैंगलुरू के जयनगर में सेवाकेन्द्र का नज़ारा देखने लायक था, जन्माष्टमी महोत्सव में निमहंस में न्यूरोसाइकोलॉजी के प्रोफेसर डॉ सत्यप्रभा, सेवाकेंद्र प्रभारी बीके कल्याणी ने तन, मन, धन, काम, क्रोध लोभ समेत सभी विकारों के बंधन से मुक्त होने का आहवान करते हुए श्रीकृष्ण के समान गुणों से संपन्न बनने का आहवान किया और केक काटकर खुशियां मनाई। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को शाल ओढ़ाने के साथ ही ईश्वरीय सौगात भेंटकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियों द्वारा बच्चों ने श्रीकृष्ण की लीलाओं को दर्शाया, कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में लोगों श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई।

 

रक्षाबंधन का उल्लास चंडीगढ़ के सेक्टर 44 सी सेवाकेंद्र पर भी देखने को मिला, इस मौके पर आयोजित मनमोहक कार्यक्रम में स्थानीय क्षेत्र के लोगों ने श्रीकृष्ण एवं राधा के विभिन्न नृत्यों का आनंद लिया। सभी को संबोधित करते हुए सेवाकेंद्र प्रभारी बीके कविता ने बच्चों की महिमा करते हुए कहा कि यह बच्चे सजे हुए श्रीकृष्ण के समान नज़र आ रहे हैं वहीं सेक्टर 46 सी सेवाकेंद्र प्रभारी बीके पूनम ने पर्व के आध्यात्मिक रहस्यों को बताया और कहा कि मोहन अर्थात जिसमें मोह न हो।

इस कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश बलजिंदर सिंह, परमिंदर कोहली, पत्रकार स्वदेश तलवार समेत शहर के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

 

वहीं सेक्टर 46सी सेवाकेंद्र पर जन्माष्टमी मनाने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग पहुंचे, इस दौरान सेवाकेंद्र प्रभारी बीके पूनम ने परमात्म द्वारा सृष्टि परिवर्तन की ऐसी बेला में सभी से जीवन में दिव्य गुणों को धारण करने का आहवान किया और बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम से इस पर्व के आध्ध्यात्मिक महत्व पर बीके सदस्यों ने प्रकाश डाला।

 

पंजाब के बरनाला सेवाकेंद्र में कृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर स्नेह मिलन समारोह के साथ रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। जिसमें म्यून्सिपल कमिटी के उपाध्यक्ष रघबीर प्रकाश, इएनटी सर्जन डॉ विजय पाबी, सेवाकेंद्र प्रभारी बीके ब्रज समेत अनेक अतिथि उपस्थित रहें।

कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था पूरे विश्व की एक ऐसी अनोखी संस्था है जो शांति और खुशी का प्रचार-प्रसार कर रही है। वहीं बीके ब्रज ने श्रीकृष्ण की विशेषताओं पर प्रकाश डाला।

इस मौके पर बच्चों के साथ साथ बड़ों ने भी सांस्कृतिक रंगारंग कार्यक्रम पेश करके सभी मन मन मोह लिया। वहीं बीएसएनएल के एसडीओ समेत कई विशिष्ट लोगों ने कार्यक्रम की विशेष शोभा बढ़ाई।

 

राजधानी दिल्ली के दिलशाद गार्डन सेवाकेंद्र द्वारा निकट भविष्य में श्रीकृष्ण आ रहे हैं इस थीम के अन्तर्गत जन्माष्टमी कार्यक्रम और मनोरम झांकी का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ एडिशनल डीएसपी जसमीत सिंह, असिस्टेंट कमिश्नर आफ पुलिस सुबोध गोस्वामी, सेवाकेंद्र प्रभारी बीके अमृत और बीके इंदिरा ने रिबन काटकर किया।

इस चैतन्य झांकी में आने वाली सतयुगी स्वर्णिम दुनिया को चित्रित किया गया था। जिसका अवलोकन करने आए बड़ी संख्या में लोगों ने राजयोग द्वारा परमात्मा शिव कैसे मनुष्य को देवता बनाने का दिव्य कार्य करा रहे हैं इससे अवगत हुए। वहीं अतिथियों को ईश्वरीय साहित्य व सौगात भेंट की गई।

 

राजस्थान के भरतपुर सेवाकेंद्र में हर्षोल्लास के साथ जन्माष्टमी महोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता बी डी इंदोरा, सैनी समाज के जिलाअध्यक्ष किशोर सैनी, एचपीएल के महाप्रबंधक धर्मपाल और सेवाकेंद्र प्रभारी बीके कविता ने कृष्ण को झूले में झुलाया तथा गोकुल गांव और झांकियों में चैतन्य बालकृष्ण एवं रासमंडल की सराहना की। और उपस्थित लोगों ने गीत व नृत्य द्वारा अपने मनोभाव व्यक्त किए।

 

वहीं राजकोट के पंचशील सेवाकेंद्र पर भी धूम धाम से जन्माष्टमी मनाई गई। कार्यक्रम में उपस्थित राजकोट की क्षेत्रीय निदेशिका बीके भारती, रविरत्नापार्क सेवाकेंद्र प्रभारी बीके नलिनी व अन्य वरिष्ठ बहनों ने बधाईयां दी। तथा महोत्सव को और खुशनुमा बनाने के लिए कृष्ण के जीवन पर आधारित नृत्यनाटिका भी प्रस्तुत की कई जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा और बाल गोपाल को माखन खिलाकर खुशियां मनाई।

 

ऐसे ही रायपुर के चैबे काॅलोनी सेवाकेंद्र में अलग ही नज़ारा देखने को मिला, कृष्ण को झूला झूलाती सेवाकेंद्र प्रभारी बीके सविता के साथ, राजयोग शिक्षिका बीके रश्मि, बीके अदिति समेत अन्य बहनें भी उपस्थित रहीं। वहीं नन्हे नन्हें कलाकारों ने नृत्य की प्रस्तुति कर सभी को आनंदित कर दिया।

 

महाराष्ट्र के उल्हासनगर सेवाकेंद्र द्वारा गोकुलाष्टमी दिवस मनाया गया। इस अवसर पर कृष्ण सुदामे मिलन का ड्रामा किया गया तथा मिडटाउन डांस ग्रुप ने श्रीकृष्ण की अनेक लीलाओं का रहस्य बताने वाले नृत्य की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में उल्हासनगर सेवाकेंद्र प्रभारी बीके सोम, कुर्ला कैंप रोड सेवाकेंद्र प्रभारी बीके पुष्पा, समाजसेवक रमेश आहुजा, रिजेंसी निर्माण के चेयरमैन महेश अग्रवाल, झूलेलाल ट्रस्ट के घनश्याम तुन्या समेत अनेक वरिष्ठ लोगों ने केक काटकर बधाईयां दी।

 

वाराणसी के महमूरगंज गीतापाठशाला में जन्माष्टमी सेलिब्रेशन का आयोजन किया गया। जिसमें बीके यश और बीके लता ने सुंदर झांकियां सजाई और श्रीकृष्ण के समान सर्वगुण संपन्न बनने का दृढ़ संकल्प लिया।

 

पड़ौसी देश नेपाल के पोखरा में धार्मिक तथा आध्यात्मिक क्षेत्र में योगदान देने वाले प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों को सम्मानित करने के उद्देश्य से विश्व हिंदू महासंघ जिला कार्य समिति कास्की द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव का आयोजन किया गया। इस मौके पर विश्व हिंदू महासंघ द्वारा नया बाजार सेवाकेंद्र प्रभारी बीके परीणिता, नेपाल के प्रथम ऐतिहासिक जगतगुरू बालसंत मोहन शरण देवाचार्य, वेदांत दर्शन के डॉ लेखनाथ आचार्य समेत कई विशिष्ट लोगों को सम्मान पत्र देकर व शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बीके परिणीता ने सकारात्मक सोच से जीवन में सफलता हासिल करने की सलाह दी। इसके साथ ही रथयात्रा, झांकी व विभिन्न संस्थाओं के द्वारा शोभायात्रा भी निकाली गई।

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