Tue. Oct 27th, 2020

थाईलैण्ड की नखोन पथोम राजाबट्ट यूनिवर्सिटी द्वारा आई.सी.ए.सी के आर्ट एण्ड कल्चर नेटवर्क की 9वें अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान की वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके उषा को मोरल अवार्ड 2019 से नवाज़ा गया। ये अवार्ड खुद फ़िलीपीन्स की राजकुमारी मारिया अमोर तथा कम्बोडिया की राजकुमारी एवं क्वीन मदर ऑफ घाना ने थाईलैण्ड के टॉफ गवर्नमेंट ऑफिशियल्स की मौजूदगी में दिया।
मोरल अवार्ड समेत अ पीस मेडल तथा सर्टिफिकेट ऑफ ऐप्रिसिएशन से भी बीके उषा को सम्मानित किया गया, इस मौके पर उनके साथ नेपाल के राजयोग प्रशिक्षक बीके विजय भी वहां मौजूद थे, जिन्हें नेपाल में किए गए मानवीय कार्यों के लिए मोरल अवार्ड का सम्मान दिया गया। इस अवसर पर 40 से अधिक देशों के कार्मिकों को समाज में उनके द्वारा किए गए नैतिक भलाई एवं पुण्य कार्य के लिए अवार्ड से सम्मानित किया गया था।
इस दौरान बीके उषा ने विभिन्न देशों के बौद्ध भिक्षुओं की एक समूह बैठक में भी भाग लिया, जहां उन्होंने भिक्षुओं के मुद्दों और समस्याओं पर चर्चा की।
आज हर कोई खुशी की तलाश कर रहा है और आध्यात्मिकता ही ऐसा माध्यम है जिसके अभ्यास से सच्ची खुशी को प्राप्त किया जा सकता है। राजयोग मेडिटेशन द्वारा परमपिता परमात्मा से संबंध रखते हुए विभिन्न उपलब्ध्यिं प्राप्त करने की एक तकनीक है.. अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने ब्रह्माकुमारीज़ के विभिन्न प्रभागों द्वारा हर क्षेत्र के लोगों के लिए की जा रही ईश्वरीय सेवाओं से भी अवगत कराया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *