Sat. Oct 24th, 2020

वर्तमान समय की आवश्यकता प्रमाण किसानों को भारतीय परंपरागत कृषि पद्धति द्वारा बीज, खाद और कीटनाशक आदि के प्रयोग से आत्म निर्भर बनाने, किसानों को मानसिक रूप से सशक्त बनाने, खेती की लागत कम करने के उपाय बताने तथा विचारों की शुद्धता से प्रकृति को शुद्ध बनाने के लक्ष्य से आयोजित कृषि ई सम्मेलन के दूसरे सत्र में किसानों की जुबानी आत्मनिर्भरता की कहानी विषय पर आणंद कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. एन.सी पटेल, उत्तर प्रदेश के कृषि निदेशक सोराज सिंह समेत अनेक अतिथियों ने चर्चा की। वहीं रशिया के सेंट पीटर्सबर्ग की निदेशिका बीके संतोष, कृषि एवं ग्राम विकास प्रभाग के मुख्यालय संयोजक बीके सुमंत, कार्यकारी सदस्य बीके बालासो रूगे समेत अनेक बीके सदस्यों ने भी अपने विचार रखे।

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