Wed. Oct 28th, 2020

Haryana

आप ने क्रीएटिव था थॉटस को रिएलटी में बदलने वाली लेबोरेट्रीज के बारे में तो बहुत सुना होगा लेकिन इतिहास में पहली बार गुरूग्राम के नार्थ कैप यूनिवर्सिटीज में ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के संयुक्त तत्वाधान से थॉट लेबोरेट्रीज खोली गयी है,जिसका शुभारंभ ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के मुख्यालय माउंट आबू से शिक्षा प्रभाग के उपाध्यक्ष बीके मृंत्युजय, यूनिवर्सिटी के प्रो चांसलर प्रोफेसर प्रेम व्रत, वाइस चांसलर एस.के. शर्मा एवं ओमशांति रीट्रीट सेंटर की निदेशिका बीके आशा, पालम विहार सेवाकेंद्र प्रभारी बीके उर्मिल ने रिबन काटकर किया।
थॉट लैब अपने आप में एक अनोखी पहल है,यहां पर साइंटिफिक स्टडीज़ के आधार पर मन मे चल रहें विचारों पर रिसर्च किया जायेगा | जिससे यह पता लग सके कि तनाव कितना प्रतिशत है और प्रकार क्या है ? जिसे समाप्त करने के लिए मेडिटेशन रूम भी बनाया गया जिसमें राजयोग मेडिटेशन द्वारा व्यक्ति गहन शांति की अनुभूति कर सके |
इस दौरान प्रोफेसर प्रेम व्रत ने बताया कि हमारा भाग्य विचारों पर आधारित है…….इसलिए हमें अपने विचारों के प्रति बहुत सजग रहने की आवश्यकता है…….साथ ही एस. के शर्मा ने यह उम्मीद जतायी की भविष्य में इस थॉट लैब के अच्छ परिणाम निकलकर हमारे सामने आएगें।
बीके मृत्युंजय ने मौके पर पर कहा कि व्यक्ति आज जैसा है…….वह पूर्व में किए गए विचारों का परिणाम है…….लेकिन भविष्य में हमें क्या बनाना है…..उसमें यह थॉट लैब क्लेअरिटी देगा , वहीं बीके आशा ने पाजीटिव एटिट्यूड बनाने पर ज़ोर दिया।
अंत में बीके मृत्यंजय ने सभी का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया |

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