Wed. Oct 21st, 2020

छत्तीसगढ़ के रायपुर जहां अध्यात्म सत्ता और राजसत्ता का महासंगम देखने को मिला राजनीति के संवैधानिक पर आसीन सूबे की राज्यपाल अनुसुइया उइके राजनीति के उच्च पद पर आसीन सीएम भूपेश बघेल बतौर मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए साथ ही आध्यात्मिक सत्ता के सर्वाच्च स्थिति में आसीन 104 वर्षीय ब्रह्माकुमारीज संस्था की प्रमुख राजयोगिनी दादी जानकी मौजूद थी रायपुर के इंडोर स्टेडियम में सर्व मंगल आध्यात्मिक महाकुम्भ का बड़े पैमाने पर आयोजन हुआ, जहां उनके आगमन पर उमड़े हुजूम में खुशी की अलग ही लहर थी। तनाव और निराशा में आध्यात्म्कि ज्ञान अमृत के समान है, आध्यात्मिक ज्ञान ना केवल तनाव से दूर करेगा बल्कि समाज और देश के निर्माण में योगदान करने में उपयोगी होगा ये बात कहते हुए राज्यपाल अनुसुइया उइके ने दादी जानकी से मिलने पर हुई खुशी को भी बयां किया। आगे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने संस्थान द्वारा की जा रही सेवाओं की प्रशंसा की और छत्तसीगढ़ राज्य को शांति का टापू बताया, वहीं दादी जी के प्रति अपने दिल के उदगार व्यक्त करते हुए कहा कि 104 साल की उम्र में भी सक्रियता किसी चमत्कार से कम नहीं है।
इस आध्यात्मिक महाकुम्भ में अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक डॉ. लोकेश मुनि ने कहा कि लाखों करोड़ों खर्च करके जो कार्य सरकार नहीं कर सकती वह ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान कर रही है, आगे उन्होंने भारत सरकार से दादी जानकी को भारत रत्न देने की मांग की। इस मौके पर उनके साथ समाज सुधारक स्वामी दीपांकर भी विशेष तौर मौजूद थे। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए संस्था के कार्यकारी सचिव बीके मृत्युंजय, ज्ञानामृत पत्रिका के प्रधान सम्पादक बीके आत्म प्रकाश, रायपुर की क्षेत्रिय निदेशिका बीके कमला, इंदौर ज़ोन की मुख्य क्षेत्रीय समन्वयक बीके हेमलता, प्रयागराज की क्षेत्रीय प्रभारी बीके मनोरमा, छ.ग. की वरिष्ठ बीके बहनें एवं मुख्यालय से आए अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी अपनी शुभकामनाएं दी। इस दौरान राज्यपाल, मुख्यमंत्री समेत अन्य महानुभावों ने दादी जी का सम्मान किया, जिन्हें दादी जानकी ने अंत में ईश्वरीय सौगात भेंट की।

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