Malaysia

मलेशिया में कुआलालंपूर के ब्रह्माकुमारीज हारमनी हाउस में टूगेदर फॉर पीस, रेस्पेक्ट, सेफ्टी एण्ड डिग्निटी फॉर ऑल थीम के अन्तर्गत कार्यक्रम आयोजित किया गया। यूनाइटेड नेशंस के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित यह कार्यक्रम म्यांनमार के रोहिंग्या समुदाय के लोगों के लिए किया गया था जो कि कई समस्याओं व कष्टों से जूझ रहे थे।
यूनाइटेड नेशनस एवं ब्रह्माकुमारीज के सहयोग से ब्रह्माकुमारीज के हारमनी हाउस में यूएन इंटरनेशनल डे ऑफ पीस कार्यक्रम में यूएनएचसीआर की सीनियर प्रोग्राम ऑफिसर मैरीगरीडा फाके, पीके मूर्ति, बीके पुई, बीके मीरा समेत रोहिंग्या समुदाय के लोग शामिल रहे। ये कार्यक्रम विशेष म्यामंर के रोहिंग्याज समुदायों के लिए आयोजित किया गया।
म्यांमार में एक अनुमान के मुताबिक 10 लाख रोहिंग्या मुसलमान है रोहिंग्या समुदाय एक ऐसा समुदाय है जो म्यांमार के रखाइन स्टेट में 2012 से सांप्रदायिक हिंसा का शिकार है जिसमें कई लोगों की जाने गई और लाखों लोग विस्थापित हुए बडी संख्या में रोहिंग्याज आज भी जर्जर कैंपो में अपना जीवन व्यतीत कर रहे है और ऐसे में उनकी मानसिकता स्थिर बनी रहे उसके लिए यूएन एवं ब्रह्माकुमारीज ने पहल करते हुए ये कदम उठाया सेंटर पर आयोजित कार्यक्रम में यूएनएचसीआर की सीनियर प्रोग्राम ऑफिसर मैरीगरीडा फाके ने इस हिंसा का समाधान केवल और केवल आपसी प्यार और शांति बनाए रखना बताया।
वहीं उपस्थित रोहिंग्यास ने अपनी लिखी कविताओं में उस दर्द की आपबीती बयां की जिस जुल्म को वो कई सालों से झेल रही है, इनकी दर्द भरी आवाज को सुनकर हर कोई सन्न रह गया इस मौके पर बीके मीरा ने कहा कि आज सबसे ज्यादा आवश्यकता है पीस की और इसी पीस को आज हम गलत स्थानों पर ढूंढ रहे है जबकि पीस हमारा अपना निजी गुण है जैसे ही हम स्वयं को शांत करेंगे वैसे ही विश्व में भी शांति स्वत ही स्थापित हो जाएगी। रोहिंग्यास ने यहां की शांति के वातावरण को महसूस किया। और स्वयं में एक शक्ति का अनुभव करते हुए सभी का आभार प्रकट किया।

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