Wed. Oct 21st, 2020

आज के इस युग मे दो पीढ़ियों के बीच का टकराव पहले से भी ज्यादा हो गया है। इसके कईं कारण हो सकते हैं, जैसे की पीढ़ी का अंतर, संवादहीनता, तालमेल की कमी, निर्णयों को थोपना, प्रतिबन्ध आदि लेकिन सबसे महत्वपूर्ण है अपनी-अपनी जिंदगी मे एक दूसरे के महत्व को समझ ना पाना। अभिभावक और बच्चों के रिश्तें को और भी ज्यादा मजबूत और खुबसूरत बनाने के लिए केन्या के नैरोबी स्थित सर्व अफ्रिका रिट्रीट सेंटर पर कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें तिलक लगाकर करीबन 150 प्रतिभागियों का स्वागत किया गया।

इस मौके पर अफ्रीका में ब्रह्माकुमारीज की रीज़नल कॉर्डिनेटर बीके वेदांती ने पेरेंटिंग विषय के अंतर्गत बताया कि बच्चे तो प्रत्येक कार्य में बड़ों का अनुसरण करते हैं। इसलिए बड़ों का प्रत्येक कदम आदर्श, प्रेरणादायी होना चाहिए, प्रयेक शब्द बच्चों को रोमांचित करने वाला होना चाहिए, तभी बच्चे संस्कारवान बन सकते हैं, वहीं आगे सिस्टर एलिजाबेथ ने राजयोग मेडिटेशन का कमेंट्री से अभ्यास कराया।

इस रिट्रीट के दौरान ब्रदर किउरी ने तैची परफॉरमेंस दिया, वहीं आगे बीके दीप्ती ने विविध गतिविधियों के माध्यम से सभी प्रतिभागियों को राजयोग की अनुभूति कराई। अंत में सभी को रक्षा सूत्र बाँधा गया, साथ ही सभी ने भगवान् को खत भी लिखा।

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