Sat. Oct 24th, 2020

Rajasthan

नेत्रहीन होना बहुत ही दुखद हैं, दुनिया भर में 37 मिलियन से अधिक लोग नेत्रहीन हैं, जिसमें 15 मिलियन से अधिक भारत में हैं, नेत्रहीन बच्चों के दुख का मर्म समझते हुए ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान इन नेत्रहीन व बच्चों के जीवन में रोशनी बिखरने की पहल कर दी है।

जी हां ऐसे दिव्यांग बच्चों को आध्यात्मिक ज्ञान की रोशनी द्वारा अलौकित की करने का प्रयास राजस्थान के बाड़मेर, बीकानेर, नागौर, पाली और फालोदी में कि गयी जिसमें विशेष रूप से आध्यात्मिक चित्र तैयार किये गये जिससे बच्चें उसे छूकर आध्यात्मिक ज्ञान की गहनता को समझ सके।

इस प्रयास के दौरान नेत्रहीन और मूकबधीर बच्चों के स्कूलों में आध्यात्मिक छित्र प्रदर्शनी लगायी गयी जिसमें उन्हें राजयोग के सप्ताहिक कोर्स की मूलभूत जानकारीयां दी गयी साथ ही मुख्यालय माउंट आबू से आए नेत्रहीन बच्चों की सेवाओं के संयोजक बीके सूर्यमणी ने बच्चों राजयोग द्वारा सर्वशक्तिमान परमपिता परमात्मा शिव से शक्तियों लेने की विधि बताई साथ ही प्रधानाचार्यो को ब्रेललिपि में छपि राजयोग के सप्ताहिक कोर्स की पुस्तक प्रदान की।

इन कार्यक्रमों के दौरान स्कूलो के प्रधानाचार्यो ने ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान की पहल की सराहना करते हुए अपने अनुभव हमारे साथ साझा किये वहीं बच्चों ने चित्रों व पुस्तक को छूकर उसमें लिखे शब्दों को पढ़कर सुनाया।

कई बच्चों ने इस मौके पर अपने अंदर छिपि हुई कला के प्रदर्शन से सभी अचमभित कर दिया।

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