Thu. Jun 20th, 2019

Mt. Abu, Rajasthan

20वीं सदी ने औद्यौगिक अभियांत्रिकी को नई उंचाई प्रदान की तो 21वीं सदी की सुबह इंटरनेट, सूचना विज्ञान एवं तकनीकी के नाम लिखी गई यूं तो पिछले कुछ दशकों से सूचना प्रौद्योगिकी ने हर संभव मार्ग से हमारा पूरा जीवन बदल दिया है, लेकिन इसका नकारात्मक पहलुओं से भी अछूता नहीं रहा है विचारों की अभिव्यक्ति का दुरूपयोग, नीजता का हनन, सामाजिक जीवन से क्षरण और आपस में ईर्श्या द्वेष व नफरत को बढ़ावा देना कुछ ऐसे ही नकारात्मक बातें हैं जो समाज के लिए कहीं न कहीं से परेशानी का सबब बन रहे हैं जिसका समाधान है विज्ञान के साथ-साथ आध्यात्म को बढ़ावा देना जिसको प्रोत्साहित करने के लिए ब्रह्माकुमारीज संस्थान के ज्ञान सरोवर एकेडमी परिसर में सूचना तकनीकी प्रभाग द्वारा 3 दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसके उद्घाटन सत्र में विद्वानों ने वैज्ञानिक युग में संकल्प शक्ति का महत्व बताया।
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ताओं ने कहा कि विज्ञान ने जहां संसार को जोड़ने का कार्य किया है वहीं पारिवारिक व्यवहार व आपसी दूरियां भी बढ़ाई हैं वर्तमान समय विज्ञान और आध्यात्म के समन्वय से ही भारत को फिर से स्वर्ग बनाने की आवश्यकता है।
इस मौके पर पुणे से आए जेट सिन्थिसिज़ प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ अनुभव तिवारी, नोएडा से क्यू ए इंफोटेक के फाउंडर एण्ड सीई ओ मुकेश शर्मा ने भी अपने विचार रखे।

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