Sat. Oct 24th, 2020

Maharashtra

ऐसी मान्यता है कि जब तक मनुष्य का अस्तित्व है तब तक श्रीमद भागवत गीता उसके जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी है। लेकिन भागवत गीता का वास्तविक सार क्या है इसके बारे में अभी कम ही लोग जान पाएं हैं जिसे मद्देनजर रखते हुए पुणे के मीरा सोसायटी सेवाकेंद्र द्वारा स्प्रिचुअल सीक्रेट ऑफ श्रीमद भागवद गीता विषय पर कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को गीता में छिपे आध्यात्मिक रहस्यों का सार बताने का सराहनीय प्रयास किया गया।

भंडारकर ओरिएंटल रिसर्च इंस्टीट्यूट में आयोजित इस कार्यक्रम में कर्नाटक के सिरसी सेवाकेंद्र प्रभारी और गीता विशेषज्ञ बीके वीणा ने कहा कि जो बोल नहीं सकता है उसे बोलना और जो अधिक बोलता है उसे कम बोलना गीता ही सीखाती है क्योंकि जीवन को संतुलित करने का ज्ञान गीता शास्त्र द्वारा ही सीखा जा सकता है।

इसके साथ ही बीके वीणा ने बताया कि गीता के कई श्लोकों का अर्थ और उसके पीछे छिपे भावार्थ बताए।

150 इतिहास संशोधक, संस्कृत विद्वान, गीता अभ्यासी एवं तत्वज्ञान अध्यापकों की उपस्थिति में बीके दशरथ ने कार्यक्रम का उद्देश्य बताते हुए कहा कि आज गीता की न सिर्फ मुखोद्गत करने की जरूरत है पर जीवन में धारण करने की आवश्यकता है वहीं मुंबई से आए सॉफ्टवेयर इंजीनियर बीके राजीव गुप्ता ने अपने रिसर्च के आधार पर गीता के विषय में अनेक विवाद तथा अलग अलग मान्यताओं पर प्रकाश डाला।

पुणे गीताधर्म मंडल के अध्यक्ष मुकुंद दाता इस कार्यक्रम के अध्यक्ष थे जिन्होंने ब्रह्माकुमारीज द्वारा समाज के अलग अलग क्षेत्रों में किए जाने वाले कार्यों की सराहना की और मानव कल्याण के लिए ब्रह्माकुमारीज के प्रयासों का अभिवंदन किया यह कार्यक्रम सेवाकेंद्र प्रभारी बीके नलिनी समेत अन्य वरिष्ठ सदस्यों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

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