Tue. Sep 17th, 2019

Gujarat

माँ सृष्टि की जननी है, एक मां जब अपने बच्चे को जन्म देती है तो वह सिर्फ बच्चे को ही नहीं बल्कि एक मां को भी जन्म देती है और हर मां और उसके बच्चे कैसे स्वस्थ व सुखी रहे इस बात को ध्यान में रखकर अद्भुत मातृत्व विषय पर कार्यक्रम राजकोट के रेड क्रॉस हॉल में आयोजित किया गया।

राजकोट ऑब्स्ट्रेटिक्स और गायनेकोलॉजिकल सोसायटी, अ फोग्सी इनिशिएटिव व ब्रह्माकुमारीज के संयुक्त तत्वाधान में यह कार्यशाला आयोजित की गई जिसमें मुख्य वक्ता के तौर पर पहुंची फोग्सी इनिशिएटिव की नेशनल कॉर्डिनेटर बीके डॉ. शुभदा नील ने बताया कि केयरिंग, लविंग, स्माइलिंग और गिविंग बच्चे पाने के लिए मां को स्वयं में ये सभी गुण पहले स्वयं में धारण करने होंगे क्योंकि बच्चे मां बाप को ही देखकर ही सीखते हैं, वहीं मोटिवेशनल ट्रेनर बीके ई वी गिरीश ने कहा कि भारत में दो प्रकार की मां होती हैं, एक जो बच्चें को जन्म देती है और दूसरा बच्चे को जीवन देती है।

इस उपलक्ष्य में पूर्व पहली महिला महापौर अंजली रूपवाणी, गायनेक सोसायटी के प्रेसिडेंट डॉ. लता जेठवानी, बीके ई वी गिरीश और पंचशील सेवाकेंद्र की वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके अंजली समेत कई डॉ, सीडीपीओ, सेविका समेत अनेक वर्ग के लोग मौजूद थे.. अंत में सभी ने राजयोग द्वारा गुणों और शक्तियो को जागृत करने की भी कला सिखी।

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