Thu. Oct 17th, 2019

Aurangabad, Maharashtra

महाराष्ट्र में औरंगाबाद के बाल सुधार ग्रह का वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके डॉ. डोनिका और इंग्लैंड से पधारी सरकारी कर्मचारी सिस्टर एना ने अवलोकन किया इस दौरान शिव किर्ति संस्था की लीलावंती रूपारेल भी उपस्थित थी।

भारत में एक बड़ी संख्या लावारिस बच्चों की है, जो या तो अनाथ है या फिर परिवार से दुत्कारे गये हैं इन बेसहारा और अबोध बच्चों का प्यार, अपनेपन और संस्कारों से पालना नहीं की गयी तो ये नन्हें फूल खिलने से पहले ही मुरझा जायेंगे इस बात को समझते हुए बीके डॉ. डोनिका ने बाल सुधार गृह का अवलोकन किया बच्चों से मुलाकात करते हुए उनसे जानने का प्रयास किया कि भविष्य वो क्या बनना चाहते हैं उनके पूछने पर किसी ने भारतीय सैनिक, इंजिनियर, डॉक्टर बनना अपना सपना बताया इसके लिए बीके डोनिका ने बच्चों को राजयोग मेडिटेशन की विधि बतातें हुए सुबह उठने, पढ़ने और भोजन करने से पूर्व कुछ देर मेडिटेशन करने की सलाह दी।

सिस्टर एना ने बच्चों से मिलने की खुशी जाहिर करते हुए उनकी हिम्मत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना की और अंत में बच्चों को अल्पाहार की साम्रगी भी बांटी गयी।

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