Tue. Oct 27th, 2020

Tibetan Religious Leader Dalai Lama said that connectivity with culture necessary

तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा को नोबल शांति पुरस्कार मिलने की वर्षगांठ को अहिंसा दिवस के रूप में मनाया गया। अहिंसा प्रेमी दलाई लामा ने टाइम्स ऑफ इंडिया के सीनियर एडिटर नारायणी गणेश से विशेष वार्ता के दौरान कहा कि भारत की अहिंसा की परंपरा आज के एन्ग्री वर्ल्ड को करूणामई स्थान दिला सकती है। काफी देर तक हुई इस चर्चा के दौरान उन्होंने ब्रह्माकुमारीज संस्थान का जिक्र भी किया और कहा कि पश्चिमी संस्कृति आस्तिक परंपरा, ईसाई परंपरा की अवधारणा पर आधारित है। लेकिन भारत में वैदिक और सांख्य दर्शन, मिमांसा परंपरा, जैन, बुद्ध, सिक्ख और ब्रह्माकुमारीज समेत ऐसी कई संस्थाएं हैं जो कि मन को प्रशिक्षण देने पर विशेष ध्यान रख रही हैं।
आपको बता दें कि अभी हाल ही में भुवनेश्वर सबज़ोन प्रभारी बीके लीना ने दलाई लामा से मुलाकात की थी और संस्थान की गतिविधियों तथा उसके उद्देश्य को लेकर उनके बीच चर्चा भी हुई। इसके अलावा काफी समय से उनका संपर्क ब्रह्माकुमारीज के सदस्यों से होता रहता है जिससे वह संस्थान की गतिविधियों को देखकर काफी प्रभावित हैं।

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