Thu. Oct 22nd, 2020

Odisha – Malerimaha

शहर हो या गांव आज के समय में देश के करोड़ों लोग ऐसे हैं जो व्यसनों के आदि हो चुके हैं ऐसे में सरकार व सामाजिक संगठनों द्वारा लोगों को व्यसनमुक्त बनाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। ये संगठन दवाईयां, व्यायाम तथा काउंसलिंग के जरिए लोगों के नशे की आदतों को छुड़वाने का प्रयास कर रही हैं लेकिन उन सभी संगठनों में से एक ब्रह्माकुमारी संस्थान एक ऐसी संस्थान है जिसने बिना किसी दवाई के सिर्फ राजयोग के माध्यम से अब तक लाखों लोगों को नवजीवन प्रदान किया है व नशे की बुरी लत से उन्हें मुक्ति दिलाई है।

यूं तो देश के कोने कोने में संस्थान के सदस्यों द्वारा नशामुक्ति अभियान के तहत लोगों को व्यसनमुक्त बनाने का श्रेष्ठ कार्य किया गया है और आगे भी संस्थान इस क्षेत्र में कई कदम उठा रही है लेकिन फिलहाल हम बात कर रहे हैं, ओड़िशा में कंधमाल जिले के मालेरीमहा गांव की जहां पर राजयोग के माध्यम से न केवल लोगों से व्यसनों को छुड़वाया गया बल्कि उनमें व्यवहारिक परिवर्तन भी देखने को मिले हैं जिससे उनके जीवन में सुख शांति आई है।

संस्थान द्वारा गांव गांव में की जा रही बेहतरीन सेवाओं को देखते हुए कमीश्नर नीतिन चंद्रा ने खुशी जाहिर की और ब्रह्माकुमारी संस्थान को सरकार के साथ मिलकर समाज सेवा करने का प्रस्ताव दिया जिसे सदस्यों ने सहर्ष स्वीकार किया। कमीश्नर नीतिन चंद्रा ने एक वाहन भी सहयोग के तौर पर सदस्यों को दी ताकि गांव गांव में जाकर संस्थान की बहनें व भाई लोगों को स्वच्छता और नशेमुक्ति के प्रति जागरूक बना सकें। जिसके पश्चात संस्थान द्वारा सामाजिक सेवाएं बढ़ती ही गईं और तोड़ोबल्लू महा और फिरंगिया समेत लगभग 25 गांव के लोगों को व्यसनमुक्त बनाने के साथ स्वच्छ समाज बनाने का संदेश दिया।

इस ईश्वरीय सेवा में फुलबाणी सेवाकेंद्र प्रभारी बीके भारती, राजयोग शिक्षिका बीके सविता, बीके गीता और बीके वीरेंद्र तथा बीके दशरथ समेत अनेक सदस्यों ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया तथा किस प्रकार से गांव के लोगों को राजयोग की जानकारी देकर उनके जीवन को सुखमय बनाया।

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