Fri. Oct 30th, 2020

नारी तू अबला नहीं सबला है, जब जब तूने हुंकार भरी यह समाज बदला है तेरे ही त्याग की गाथा गाता ये जग सारा है जी हां आज बुलेटिन की शुरूआत महिला सशक्तिकरण से है… हैदराबाद के शांति सरोवर में ‘बीइंग शक्ति नो मैटर वॉट’ पर महिलाओं के लिए आयोजित विशेष सम्मेलन में शांतिसरोवर की निदेशिका बीके कुलदीप ने कुछ ऐसे ही विचार 175 से ज्यादा शहर की अग्रिम महिलाओं के सामने रखे उन्होंने इस मंच से यह संदेश देने की प्रयास किया कि सहन करना नारी की कमजोरी नहीं बल्कि सबसे बड़ी शक्ति है और इतिहास इसका गवाह है।
महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से आयोजित किए गये इस सम्मेलन में बीके कुलदीप ने महिलाओं से भरी इस सभा को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व परिवर्तन के लिए जब परमात्मा इस धरा पर अवतरित होते हैं तो नारी शक्ति का आह्वाहन करते हैं।

अपने वक्तव्य को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने सभी महिलाओं से राजयोग द्वारा स्वयं का आध्यात्मिक सशक्तिकरण करने पर ज़ोर दिया संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित एक्ट्रेस एवं टीटीडीपी की प्रवक्ता रेवती चौधरी, साईं किरण हॉस्पिटल की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रतिमा ग्रोवर, आर्किटेक्ट जगदम्बा क्रोविदि ने बीके कुलदीप की बातों में सहमति जाहिर करते हुए जीवन में मेडिटेशन को शामिल करने की इच्छा जाहिर की इस मौके पर इंटरनेशनल स्पीकर डॉ. सुनिता चाण्डक भी मुख्य वक्ता के तौर पर उपस्थित थी।
इस सम्मेलन का समापन राजयोग सत्र से किया गया जिसमें सभी ने पूरी तल्लीनता से गहन अनुभूतियां की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *