Sun. Oct 20th, 2019

Uttar Pradesh

नैतिक मूल्यों से व्यक्तित्व और व्यवहार में निखर आता है नैतिक मूल्यों का हास ही व्यक्तिगत, सामाजिक, राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, शारीरिक, मानसिक और आर्थिक समस्याओं का मूल कारण है। अगर समाज में सुधार लाना है तो नैतिक मूल्यों की आवश्यकता है। यह बाते कही माउंट आबू से आए वरिष्ठ राजयोग प्रशिक्षक बीके भगवान् ने जब वो उत्तरप्रदेश के सीतापुर स्थित आरएमपी इंटर कॉलेज में नैतिक शिक्षा पर छात्रों को संबोधित कर रहे थे.

इस मौके पर कॉलेज के प्राचार्य गौतम भारती, स्थानीय सेवाकेंद्र प्रभारी बीके योगेश्वरी, बीके द्रग्पाल मुख्या रूप से उपस्थित थे. कार्यक्रम के अंत में राजयोग का अभ्यास भी कराया गया.

वही आगे राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में उन्होंने छात्राओं को नैतिक मूल्यों की जीवन में धारणा करने की प्रेरणा देते हुए कहा की जिन बच्चों को सच बोलना, सहयोग करना, दया करना, निष्पक्षता, आज्ञापालन, राष्ट्रीयता, समयबध्हता, सहिष्णुता, करुना आदि मानवीय गुणों की शिक्षा दी जाती है आगे चलकर उन्ही में ये गुण विकसित होकर चरित्र निर्माण में सहायक होते है इस अवसर पर बीके योगेश्वरी भी मौजूद रही.

इस कार्यक्रम में कॉलेज की प्राचार्या रजनी ने अपने विचार रखते हुए कहा की चरित्र उत्थान और आतंरिक शक्तियों के विकास के लिए आचार संहिता जरुरी है साथ ही आध्यात्मिकता को नैतिक मूल्यों का स्त्रोत बताया. आगे छात्राओं ने अपने अनुभव साझा किये.

इस कार्यक्रम के अंतिम चरण में बीके भगवान् ने सभी छात्राओं को कमेंट्री के माध्यम से राजयोग की अनुभूति कराई साथ ही अन्दर छिपी आतंरिक शक्तियों से रूबरू कराया।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *