Sat. Apr 20th, 2019

Uttar Pradesh

क्या अनुशासन का मतलब कोई गलती हो जानने के बाद उसे दूर करना, चीजों को थोपना, दुर्व्यवहार करना हैं या आजादी छीन लेना हैं? नहीं इसका मतलब हैं समस्या पैदा होने से पहले ही उसकी वजह को मिटा देना, इसी को ध्यान में रखते हुए ब्रह्माकुमारीज़ के प्रशासक सेवा प्रभाग द्वारा आगरा के कमला नगर स्थित विश्व शांति भवन में केंद्र सरकार, राज्य सरकार, बैंक एवं संस्थाओं के प्रशासकों, कार्यपालकों एवं प्रबंधकों के लिए ‘स्वशासन से सुप्रशासन‘ विषय पर विशेष सत्र का आयोजन किया गया था, जिसमें ओआरसी की निदेशिका बीके आशा, आगरा के डिवीजनल कमिश्नर राम मोहन राव, संयुक्त सचिव शशांक शेखर, ज़िलाधिकारी गौरव दयाल, पूर्व कमिश्नर एवं लेबर कोर्ट के पीठासीन अधिकारी सीता राम मीणा मुख्य रूप से उपस्थित थे।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में आई बीके आशा ने स्व नियंत्रण के लिए राजयोग द्वारा सकारात्मक चिंतन को जीवन में लाने की बात कही, तो वहीं सभी अतिथियों ने संस्था का आभार प्रकट करते हुए राजयोग को निर्णय क्षमता और प्रशासनिक क्षमता में निपुण होने का आधार बताया। इस मौके पर सेवाकेंद्र प्रभारी बीके शिला, सबज़ोन प्रभारी बीके कविता समेत बीके ज्योत्स्ना, बीके अश्विना भी मौजूद थी

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