Mon. Oct 26th, 2020

Significance of Moral Education

उत्तरप्रदेश में सहारनपुर के नकुड़ कल्विन सेंट्रल अकेडमी में नैतिक शिक्षा का महत्व विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें माउंट आबू से आए वरिष्ठ राजयोग प्रशिक्षक बीके भगवान ने बच्चों को स्कूली शिक्षा के साथ आध्यात्मिक शिक्षा में भी पारंगत होने की बात कही।
इस दौरान अकेडमी के प्रबंधक पुष्कर सैनी, स्थानीय सेवाकेंद्र प्रभारी बीके पिंकी, बीके सोनिया, बीके अरविंद भी मुख्य रूप से मौजूद थे।
वहीं मरिहारन में नैतिक शिक्षा का महत्व विषय पर कार्यशाला की गई जिसमें माउंट आबू से आये वरिष्ठ राजयोग प्रशिक्षक बीके भगवान ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों को पाजीटिव बनाने से सहनशक्ति आयेगी और सहनशक्ति का गुण धारण करने से ही हम बड़े बनेगें।
चौधरी हरिसिंह कन्या विद्यालय में हुई इस कार्यशाला में प्राचार्य जशमल सिंह एवं शाला प्रबंधक विक्रम पवार समेत बड़ी संख्या में छात्रायें थी जिन्होने जीवन में आवश्यक विनम्रता, मधुरता एवं धैर्यता जैसे नैतिक मूल्य जाने।
इसी क्रम में बेहट सेवाकेंद्र पर सकारात्मक चिंतन विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई……..जिसमे बीके भगवान ने सकारात्मक चिंतन से सदा खुश रहने की युक्ति बताई……..साथ ही राजयोग को जीवनशैली में शामिल करने का आह्वान किया…………इस दौरान व्यापारी नरेंद्र धीमान, सुभाष धीमान, समाज सेविका प्रेमलता अग्रवाल, सेवाकेंद्र प्रभारी बीके रजनी समेत सेवाकेंद्र से जुडे लोग मौजूद थे।

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