Thu. Apr 25th, 2019

Rajasthan

ज्ञानसरोवर में ज्ञानोदय से स्वर्णिम युग की स्थापना विषय पर तीन दिनो तक मंथन के बाद धार्मिक सम्मेलन का समापन हो गया इसके समापन सत्र में सभी धर्माचार्यो ने एकता और भाइचारे के संदेश के साथ ईश्वरीय ज्ञान द्वारा स्वर्णिम युग की स्थापना का आह्वान किया।

इस समापन सत्र का शुभारंभ वृदावन के गीता आश्रम से डॉ. अमरीश चैतन्य, बीबी तरमिन्दर कौर खालसा, जैन साध्वी डॉ. प्रग्भा विराट, ऋषिकेश से वृदावन आश्रम के महामण्डलेश्वर श्री विष्णु दास महाराज, नागौर से बद्री आश्रम के महामण्डलेश्वर श्री 1008 हरिनारायण शास्त्री, संस्थान के मीडिया प्रभाग के अध्यक्ष बीके करूणा, ज्ञानसरोवर की निदेशिका बीके डॉ. निर्मला, प्रभाग की राष्ट्रीय संयोजिका बीके मनोरमा की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।

चार दिनो का यह सम्मेलन देशभर से आए धर्म प्रेमियों और धर्माचार्यो के लिए यादगार हो गया वैश्विक ज्ञानोदय द्वारा स्वर्णिम युग की स्थापना विषय पर अयोजित इस सम्मेलन के समापन सत्र पर विश्व शांति के लिए हमारा योगदान विषय पर चर्चा हुई जिसमें साधु, संत महात्माओं ने अपने संबोधन में कहा कि मानव आज अपने जीवन का उद्देश्य और मूल्य भूल चुका है, उसकी महसूसता उसे तब होती है जब वो आध्यात्म से रूबरू होता है।

वहीं संस्थान के वरिष्ठ पदाधिकारीयों ने कहना था की विश्व में शांति की स्थापना करना किसी एक व्यक्ति का कार्य नहीं है जगत नियंता परमात्मा ने विश्व शांति का बिगुल बजा दिया है हमें तो सिर्फ उनका सहयोगी बनना है।

तीन दिनों तक सभी धर्मों के प्रतिनिधियों ने माना कि धर्म के बजाए आध्यात्म में डुबकी ही मनुष्य की जीवन नैय्या पार लगा सकती है। सम्मेलन के दौरान विचार विमर्श, खुले सत्रों के साथ ध्यान योग तथा राजयोग सत्र का आयोजन किया गया। जिसमें संत समाज ने बढ़ चढ़कर हिस्सेदारी निभायी।

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