Mon. May 25th, 2020

Rajasthan

पर्यावरण सरंक्षण के प्रति जागरूकता लाने के लिए मनमोहिनीवन कॉम्प्लेक्स में तीन दिवसीय नेशनल पेंटिंग कॉम्पटीशन कम वर्कशॉप का आयोजन हुआ था, जिसमें देशभर से 500 पेशेवर कलाकारों ने हिस्सा लिया ये पहला मौका था जब देश में इतने बड़े स्तर पर चित्रकला प्रतियोगिता का मुख्यालय में आयोजन हुआ, ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान और दिल्ली के परिधि आर्ट ग्रुप के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस प्रतियोगिता की थीम आध्यात्मिकता, विज्ञान और पर्यावरण थी जिसपर सभी कलाकारों ने कैनवस पर अपनी अपनी कला का आकार दिया इस प्रतियोगिता का शुभारंभ संस्थान के कार्यकारी सचिव बीके मृत्युंजय, ज्ञान सरोवर की निदेशिका बीके डॉ. निर्मला, परिधि आर्ट ग्रुप के डायरेक्टर निर्मल वैद्य ने शुभारंभ किया।

आध्यात्म, विज्ञान और पर्यावरण को लेकर मन में उभरी तस्वीर को कैनवस पर उकेरते 500 चित्रकार ये नजारा आबूरोड के मनमोहिनी वन का है जहां तीन दिवसीय राष्ट्रीय चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था जिसमें 500 पेशेवर कलाकरों ने हिस्सा लिया था तीन दिनों में कलाकारों ने आध्यात्म और विज्ञान के समन्यवय द्वारा पर्यावरण के संरक्षण का संदेश देने का प्रयास किया जिसका संस्था प्रमुख राजयोगिनी दादी जानकी, संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी जी ने अवलोकन किया।

हरियाणा के सिरसा से आए फ्रीलांस आर्टिस्ट गिरिजा शंकर ने संस्थान के साकार संस्थापक प्रजापिता ब्रह्माबाबा का लाइव पोट्रेट बनाया जिसे देखकर ऐसा लगा जैसे मानो ब्रह्मा बाबा सामने बैठे हो वहीं जींद से आए पवन जुलाना ने दादी जानकी की बेमिसाल पेंटिग बनाई, जिसकी सभी ने सराहना की इन पेटिंग्स को शांतिवन में चल रहें वैश्विक सम्मेलन में लगाया गया है, जिसका अवलोकन देश व विदेश से आए लोगों किया।

गुरूग्राम के पालम विहार सेवाकेंद्र की वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके सुदेश ने राजयोग मेडिटेशन द्वारा अपनी रचनात्मकता को बढ़ाने की अपील की और निर्मल वैद्य ने सभी कलाकरों का मार्गदर्शन करते हुए बेहतर पेंटिंग बनाने के गुर सिखाए।

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