Sat. Oct 19th, 2019

Rajasthan

देश और दुनिया में बीमारियों की सबसे बड़ी जड़ मन है और अगर इस मन को ज्ञान के सरोवर में डुबो दिया जाए और अध्यात्म के गुणों से सुसज्जित किया जाए तो मन के साथ शरीर की 90 प्रतिशत बिमारायों पर काबू पाया जा सकता है माइंड बॉडी और मेडिसिन को एक साथ साधकर कैसे तन को ठीक रखने में मन की भूमिका है और मन को सुदृढ़ करने में राजयोग कैसे कारगर है ऐसी ही कुछ खास बातों पर मंथन करने के लिए माउण्ट आबू के ज्ञान सरोवर में सम्मलेन का आयोजन हुआ, जिसका उद्घाटन खुद दुनिया में सबसे स्टेबल माइंड की उपाधि से नवाज़ित 103 वर्षीय संस्था की प्रमुख राजयोगिनी दादी जानकी के कर कमलों से सम्पन्न हुआ।

माइंड बॉडी मेडिसिन पर 36वें राष्ट्रीय सम्मलेन का उद्घाटन दिल्ली जीबी पंत अस्पताल की निदेशिका डॉ. अर्चना ठाकुर, दिल्ली में मैक्स हेल्थकेयर के प्रबंध निदेशक और सी.ई.ओ डॉ. राजित मेहता, ग्लोबल हॉस्पिटल के निदेशक तथा मेडिकल प्रभाग के उपाध्यक्ष बीके डॉ. प्रताप मिड्ढा, प्रभाग के कार्यकारी सचिव बीके डॉ बनारसी लाल शाह, प्रभाग के आयोजन सचिव एवं मनोचिकित्सक बीके डॉ. गिरीश पटेल, संस्था के कार्यकारी सचिव बीके मृत्युंजय, वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके शशि समेत अन्य पदाधिकारियों ने दीप जलाकर किया।

दादी जानकी ने इस मौके पर अपने आशीर्वचन देते हुए कहा की जिस तरह हाथो की पांचो उंगलिया समान नहीं होती लेकिन सबका अपना अपना महत्व होता है उसी प्रकार हमें सभी के साथ समान व्यवहार करना चाहिए क्यूंकि सच्चे दिल पर ही भगवान् राजी होता है वही उपस्थित मुख्य अतिथि डॉ. अर्चना ठाकुर ने अपने उदगार व्यक्त करते हुए कहा की उन्हें यह निश्चय ही की कार्यक्रम के माध्यम से उनके जीवन में शांति, खुशी और स्वास्थ में सकारात्मक परिवर्तन आएगा.

चिकित्सकों को भगवान् का दूसरा रूप भी माना जाता है मगर यह तब संभव है जब चिकित्सक इस जिम्मेवारी को समझकर मरीजों के जीवन में दिव्यता को भरे यह वाक्य कहे डॉ प्रताप मिड्ढा ने जब वो सभा को संबोधित कर रहे थे साथ ही बीके बनारसीलाल शाह ने राजयोग के अभ्यास द्वारा आत्म अनुभूति करने का आह्वान किया

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