Fri. Oct 23rd, 2020

Prayagraj, UP

तीर्थराज प्रयागराज के दौरान केवल धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियाँ ही नहीं बल्कि श्रद्धालुओं और आगंतुकों के स्व सशक्तिकरण  के लिए भी कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है ब्रह्माकुमारीज के सत्यम शिवम् सुन्दरम आध्यात्मिक मेले में ‘वर्तमान की आवश्यकता संस्कारयुक्त शिक्षा‘ विषय के तहत संगोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें कई प्रतिष्ठित एवं ख्याति प्राप्त अतिथियों द्वारा शिक्षा पद्धति पर मंथन हुआ।

जब नैतिक मूल्य जीवन में होंगे तभी हमारी संस्कार युक्त सेवाएं सम्भव है और तभी शिक्षा का विकास भी होगा। इसी उद्देश्य को लेकर शिक्षा प्रभाग के संयुक्त तत्वाधान में यह शिक्षाविद् सम्मेलन आयोजित हुआ, जिसका शुभारम्भ मुख्यालय माउण्ट आबू से आई वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके ऊषा, गंगा गुरुकुलम की डायरेक्टर कृष्णा गुप्ता, इलाहाबाद डिग्री कॉलेज की पूर्व प्राचार्या डॉ. शशि टण्डन, प्रयागराज क्षेत्र की संचालिका बीके मनोरमा समेत संस्था की कई वरिष्ठ बीके बहनों द्वारा दीप जलाकर किया गया।

इस मौके पर आई अतिथियों में कृष्णा गुप्ता.. जो खुद शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी है और गंगा गुरुकुलम की डायरेक्टर है। उन्होंने शिक्षा में पवित्रता के महत्व पर प्रकाश डाला वहीं डॉ. शशि टण्डन ने भी वर्तमान समय नैतिक मूल्यों के अभाव होने के कारण ये ज़रुरी हो गया कि बच्चों को संस्कारवान शिक्षा दी जाए।

सम्मेलन में अपनी अध्यक्षता करते हुए जब बीके मनोरमा ने अपना वक्तव्य दिया तो उन्होंने इसी बात पर ज़ोर दिया, कि शिक्षा ऐसी जो मनुष्य को एक अच्छा इन्सान बनाए। वहीं आगे बीके उषा ने कहा कि ज्ञान विद्या वहीं है जहां विनय हो, विद्या ज्ञान वहीं है जहां रोशनी हो… ज्ञान वो है जो मनुष्य को सद्विवेक प्रदान करें।

कार्यक्रम के अंत में पहुंची यूपी सरकार की पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने शिक्षा के क्षेत्र में ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा दिए जाने वाली मूल्ययुक्त शिक्षा तथा अन्नामलाई विश्वविद्यालय के साथ मिलकर दिए जाने वाले डिप्लोमा तथा डिग्री कोर्सिज़ की प्रशंसा की। वहीं चैतन्य देवियों की सजी झांकी में दीप प्रज्वलन किया।

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