Sun. Feb 17th, 2019

New Delhi

योग शब्द की उत्पत्ति संस्कृत से हुई है, जिसका एक अर्थ है जोड़ना और दूसरा अर्थ है अनुशासन तन पर अनुशासन तो व्यायाम कहलाता है मगर योग का वास्तविक अर्थ है मन पर पूरा अनुशासन जो मनुष्य को मानसिक, भावनात्मक और आत्मिक विचारों पर नियंत्रण करने के योग्य बनाता है, मन में होने वाले प्रदूषण से बचने के लिए दिल्ली के लोधी रोड सेवाकेंद्र द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में कई स्थानों पर कार्यशालाओं का आयोजन किया गया आइए देखते है उसकी एक झलक
सबसे पहले एअरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय मुख्यालय राजीव गाँधी भवन से जहां ‘प्रकृति के साथ सुसंवाद‘ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमे ए.ए.आई के सदस्य अनुज अग्रवाल मौजूद थे. इस मौके पर लोधी रोड सेवाकेंद्र से मुख्य वक्ता के रूप में आए तनाव प्रबंधन विशेषज्ञ बीके पीयूष ने बताया कि आतंरिक प्रकृति को ठीक करें तो बहरी प्रकृति अपने आप ठीक हो जाएगी।
इस अवसर पर 60 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया, वहीं लोधी रोड सेवाकेंद्र की प्रभारी बीके गिरिजा ने आत्मा के 7 गुणों पर चर्चा करते हुए प्रतिभागियों को राजयोग द्वारा गहन शांति की अनुभूति कराई।
अब चलते है भारत सरकार के रेल मंत्रालय की प्रमुख कंपनी राइट्स लिमिटेड में जहां ‘प्रकृति के साथ सामंजस्य‘ विषय पर कार्यशाला में बीके पीयूष ने प्रकृति के भावार्थ को रेखांकित करते हुए बताया कि आतंरिक मन को शुद्ध और सकारात्मक बनाना आज के समय की मांग है, इस दौरान उन्होंने सभी को एक्सरसाइज भी कराई, वहीं बीके गिरिजा ने राजयोग कमेन्ट्री द्वारा उपस्थित सभी वरिष्ठ अधिकारियों को ईश्वारानुभुती कराई
ऐसा ही कार्यक्रम आयोजित हुआ सेल यानी भारत सरकार की महारत्न कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड में, जहां सेल के निदेशक अतुल श्रीवास्तव के साथ लगभग 50 अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया. इस मौके पर जहां बीके पीयूष ने अपने संबोधन में प्रकृति से प्रेम करने की बात कही, वहीं बीके गिरिजा ने मैडिटेशन कमेन्ट्री द्वारा आध्यात्मिक वातावरण बनाया।
अंत में प्रश्नोत्तर सत्र भी रखा गया था, जिसके बाद प्रतिभगियों ने अपने मन के उद्गार साझा किए।

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