Sun. Oct 25th, 2020

New Delhi

भारत देश त्यौहारों का देश है। वैसे तो भारत में कई प्रकार के त्यौहार मनाये जाते हैं। परन्तु कुछ ऐसे पर्व है जो मानवीय एकता, पवित्रता, सदभावना और आपसी सौहाद्र को बनाये रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। इन्हीं में से रक्षाबन्धन का पर्व अपनी एक अलग पहचान रखता है।जिसमें बहनें अपने भाईयों को तिलक लगाकर व उनकी कलाईयों पर स्नेह के धागे बांधकर भाई की सलामती की दुआ मांगती है। और भाई अपने बहन की सुरक्षा करने का वचन देता है…ऐसा माना जाता है कि राखी के रंग-बिरंगे धागे भाई-बहन के प्यार के बंधन को और मजबूत करते हैं।

वास्तव में देखा जाए तो राखी का त्यौहार आत्मीयता और स्नेह के बंधन से रिश्तों को मजबूती प्रदान करने का पर्व है। यही कारण है कि केवल भाई-बहन ही नहीं बल्कि अन्य संबंधों में भी रक्षासूत्र बांधने का प्रचलन है, राखी, देश की, पर्यावरण की और हितों की रक्षा के लिए भी बांधी जाती हैं। यहां तक की प्रकृति की सुरक्षा के लिए भी वृक्षों को राखी बांधने की परंपरा शुरू हो गई है और अगर हम इतिहास के पन्नों को पलट कर देखें तो उसमें भी हमें रक्षासूत्र के महत्व की गाथा आसानी से देखने को मिल जाती है। ऐसे में हमें इस त्यौहार के पीछे छिपे आध्यात्मिक रहस्यों को जानना बेहद जरूरी है।

आज इन्हीं रहस्यों को जानते हुए ब्रह्माकुमारीज संस्थान द्वारा मुख्यालय सहित देश विदेश में इस पर्व को उमंग उत्साह के साथ मनाया जाता है। चाहे राष्ट्रपति व राज्यपाल हों या प्रधानमंत्री या फिर सेना के जवान हों व जेल के कैदी देश के सभी राज्यों में बीके बहनें हर क्षेत्र व हर समुदाय के लोगों को रक्षासूत्र बांधकर खर्ची के रूप में उन्हें विकारों रूपी बुराईयों से स्वयं की रक्षा करने का वचन लेती हैं। साथ ही साथ उन्हें कलियुग के अंत में अवतरित परमपिता परमात्मा के दिव्य अवतरण का संदेश देकर सृष्टि परिवर्तन के महान कार्य में सहयोगी बनने का आहवान करती हैं।

तो आईए देखते हैं कि किस तरह से ब्रह्माकुमारीज सदस्यों ने हर बार की तरह इस बार भी राखी का पर्व देश के राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से लॉरेंस रोड सेवाकेंद्र प्रभारी बीके लक्ष्मी, वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके रमा और बीके सपना समेत अनेक सदस्यों ने मुलाकात कर राखी की शुभकामनाएं देते हुए रक्षासूत्र बांधा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ओआरसी की निदेशिका बीके आशा, वरिष्ठ राजयोग शिक्षका बीके सविता समेत अन्य बीके सदस्यों ने मुलाकात कर, संस्था प्रमुख राजयोगिनी दादी जानकी द्वारा भेजी गयी राखी बांधी व ढ़ेर सारी शुभकामनाएं देकर मुख्यालय माउंट आबू आने का निमंत्रण दिया।

इसी क्रम में देश के वित्त मंत्री अरूण जेटली, परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, भाजपा के उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी, राज्य सभा के उप सभापति पीजे कुरियन, केंद्रीय उर्जा मंत्री पीयूष गोयल को भी शुभकामनाएं देते हुए रक्षा सूत्र बांधा।

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