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Haryana

शिक्षक उस मोमबत्ती की भांति होते हैं जो खुद जलकर दूसरों को ज्ञान की रोशनी देते हैं वे स्वयं तो एक शिक्षक ही रहते हैं लेकिन दूसरों को उनकी मंजिल तक पहुंचाते हैं, ऐसे महान शिक्षकों के यादगार में मनाए जाने वाले शिक्षक दिवस पर पूरे देश में कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं

वहीं ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा देश के कई स्थानों पर भी शिक्षक दिवस मनाया गया आईए सबसे पहले चलते हैं पानीपत में जहां ज्ञान मानसरोवर द्वारा यूनिवर्सल पीस ऑडिटोरियम में एजुकेशन कॉन्फ्रेंस आयोजित किया गया जिसका शुभारंभ कैथल में संस्कृत यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ श्रेयांश द्विवेदी, डिप्टी कमिश्नर आईएएस सुमेधा कटारिया, मातृभूमि सेवा मिशन के फाउंडर एण्ड कॉर्डिनेटर डॉ प्रकाश मिश्रा, पानीपत सर्कल प्रभारी बीके सरला, ज्ञान मानसरोवर के निदेशक बीके भारतभूषण, हुडा सेवाकेंद्र प्रभारी बीके सुनीता ने कैंडल लाइटिंग कर किया।

मूल्यनिष्ठ समाज की स्थापना में नैतिक शिक्षा का महत्व थीम के अंतर्गत आयोजित इस सम्मेलन में डीसी सुमेधा कटारिया ने कहा कि सभी अध्यापकों के लिए उमंग-उत्साह से भरपूर होना बहुत जरूरी है तो डॉ श्रेयांश द्विवेदी ने कहा कि भारत को बचाना है तो अपनी संस्कृति को बचाओ।

जिले भर से 500 प्राचार्य व शिक्षकों को संबोधित करते हुए बीके सरला व मुख्य वक्ता बीके भारतभूषण ने अपनी सोच को बेहतर बनाकर मूल्यों को स्वयं में धारण करने की सलाह दी वहीं राजयोग के अभ्यास पर भी जोर दिया।

अंत में पानीपत के 20 सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों को मोमेंटों और सर्टिफिकेट भेंटकर सम्मानित किया गया तथा अतिथियों को ईश्वरीय सौगात भेंट की गई।

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