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Haryana

गुरूग्राम के ओम् शांति रिट्रीट में यंग इंडियन ऑर्गेनाइजेशन द्वारा शिक्षकों के लिए सम्मान समारोह का आयोजन। हरि मंदिर आश्रम के महामण्डलेश्वर स्वामी धर्मदेव, भिवाडी से आए सिटी नर्सिंग होम के निदेशक डॉ. रूप सिंह, ओआरसी की निदेशिका बीके आशा की मौजूदगी में सम्पन्न हुआ।

सात राज्यों से आये हुए महानुभावों को संबोधित करते हुए स्वामी धर्मदेव ने कहा कि व्यक्ति की सबसे बड़ी पूंजि शांति है और उसका साम्राज्य ओम् शांति रिट्रीट सेंटर में सदा काल रहता है, जोकि व्यक्ति के लिए बड़ा ही प्रेरणादायी है वहीं बीके आशा ने किसी भी परिस्थिति में हिम्मत को बनाये रखने का सुझाव दिया।

इस सम्मान समारोह में 21 अध्यापकों और 11 शिक्षण संस्थानों को भारतीय शिक्षा रत्न अवार्ड से सम्मानित किया गया। वहीं 21 अध्यापकों व 10 शिक्षण संस्थानों को हरियाणा शिक्षा रत्न अवार्ड और 11 दिव्यांग लोगों को भारतीय दिव्यांग रत्न अवार्ड प्रदान किया गया।

ऐसे ही वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्नेह मिलन का भी आयोजन किया गया था जिसमें 300 से अधिक वरिष्ठ नागरिक शामिल हुए, जिन्हें संस्थान के अतिरिक्त महासचिव बीके बृजमोहन और बीके आशा ने संबोधित करते हुए दुआएं देने और दुआएं लेने के लिए प्रेरित किया।

वर्तमान समय समाज का वातावरण एक काजल की कोठरी के समान है अगर उससे आपको बेदाग और सही सलामत निकलना है तो बुर्जगो का अनुभव आपके बहुत काम आ सकता है क्योंकि एक बुर्जुग व्यक्ति उस रास्ते से होकर गुजरा है उसे सारे उतार चढ़ाव का अनुभव है लेकिन आज समाज में बुर्जुगो को लोग बोझ समझने की गलती करते हैं।

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