Sun. Oct 25th, 2020

Gurugram, Haryana

गुरुग्राम के ओम् शान्ति रिट्रीट सेन्टर में सभी क्षेत्रों के कुछ चयनित लीडर्स एवं ओपिनियन मेकर्स के लिए विशेष डायलॉग का आयोजन किया गया। 60 लीडर्स समेत कई कम्पनियों के चेयरमैन, सीईओ‘ज़, एमडी‘ज़, प्रेज़िडेन्टस और वाईस प्रेज़िडेंटस तथा एडुकेटर्स समेत मीडियाकर्मियों ने इस संवाद में सहभागिता की।

इस अवसर पर कानून-मानवाधिकार-कॉर्पोरेट मामलों के सलाहकार एवं सी.बी.आई के पूर्व निदेशक डॉ. डी.आर. कार्तिकेयन, अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर ज्ञात मीडिया विशेषज्ञ एवं मीडिया अध्ययन केन्द्र के संस्थापक-अध्यक्ष डॉ. एन भास्करा राव, दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त ऋषिपाल, भारत सरकार के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग, कार्मिक मंत्रालय, लोक शिकायतें और पेंशन के अपर सचिव प्रदीप के. त्रिपाठी, मानव संसाधन विकास मंत्रालय के केन्द्रीय विद्यालय संगठन के आयुक्त संतोष के. माल, स्वदेश समूह समाचार पत्र के ब्यूरो चीफ राकेश शर्मा, अभिनेत्री सुषमा सेठ समेत अन्य कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने शिरकत की।

जैसे एक आभासी रेखा कही दूर धरती और आकाश को जोडती हुई नजर आती है जहाँ मानों इस संसार का अंत और किसी दुसरे संसार का प्रारंभ हो. वैसे ही रीचिंग हराईजन्स गोइंग बियॉन्ड लिमिटेशंस विषय के अंतर्गत सभी प्रतिभागियों को इस संसार की सभी सीमओं से परे जाकर राजयोग के माद्यम से अपने अन्दर बसे हुए संसार की यात्रा कराइ गई।

इस दौरान संस्थान के अतिरिक्त महासचिव बीके बृजमोहन, ओआरसी की निदेशिका बीके आशा ने डायलॉग का उद्देश्य बताया, वहीं डॉ. डी.आर कार्तिकेयन ने ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान में हुए अपने अनुभवों को मौजूद सभी प्रतिभागियों के साथ साझा किया।

 

संवाद में हैदराबाद के नागार्जुन मैनेजमेंट सेन्टर की प्रभारी बीके राधिका ने आयोजित विषय के अन्तर्गत कई अहम मुद्दों पर चर्चा की और उदाहरणों के माध्यम से बताया कि विचारों द्वारा ही सम्भावनाएं सम्भव है।

इस अवसर पर कई समूहों के माध्यम से सभी ने धैर्य, दृढ़ संकल्प, क्षमा भाव, सकारात्मक सोच आदि मूल्यों के विषय पर विचार-विमर्श किए। इस दौरान सभी प्रतिभागियों ने कार्यक्रम का भरपूर लाभ लिया।

 

इसी दौरान कम्पनी की प्रतिभा के विकास के लिए भी ओम् शान्ति रिट्रीट सेन्टर में री-यूनियन प्रोग्राम आयोजित हुआ, जिसमें कई कम्पनियों के 15 सीईओ‘ज़ शामिल हुए। इस अवसर पर मुम्बई से आए मोटीवेशनल ट्रेनर प्रो. बीके ई.वी. गिरीश ने दैनिक जीवन में राजयोग की अहम भूमिका विषय के अन्तर्गत अपने विचार रखें।

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