Sun. Oct 20th, 2019

Aligrah, Uttar Pradesh

हर वर्ष मिट्टी के स्वास्थ्य के प्रति जागरुक करने के लिए पूरी दुनिया में विश्व मृदा दिवस मनाया जाता है। इस दिन की शुरुआत विश्व मृदा विज्ञान संघ ने 2013 में की थी। इसी के चलते ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा यूपी तथा मध्यप्रदेश के कई शहरों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। पेश है इस पर बीके तुलसी की ये रिपोर्ट…

विओः बढ़ते प्रदूषण और खेती में केमिकलों के लगातार बढ़ते इस्तेमाल से हमारी मिट्टी की क्वालिटी लगातार खराब होती जा रही है.. विश्व के बहुत से भागों में उपजाऊ मिट्टी लगातार बंजर हो रही है और किसानों द्वारा ज़्यादा रसायनिक खादों और कीटनाशक दवाओं का इस्तेमाल करने से मिट्टी के जैविक गुणों में कमी आने के कारण इसी उपजाऊ क्षमता में गिरावट आ रही है।

किसानों और आम जनता को मिट्टी की सुरक्षा के लिए जागरुक करने के उद्देश्य से उत्तरप्रदेश के अलीगढ़ में नेशनल मिशन फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर योजनान्तर्गत विश्व मृदा दिवस के अवसर पर किसान मेला एवं गोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें ब्रह्माकुमारीज़ के हरदुआगंज सेवाकेन्द्र के सदस्यों द्वारा शाश्वत यौगिक खेती पर ड्रामा प्रस्तुत कर जैविक खाद के साथ खेती में राजयोग का प्रयोग करने का संदेश दिया। इस अवसर पर ज़िला पंचायत अध्यक्ष उपेन्द्र सिंह, मुख्य विकास अधिकारी दिनेश चंद्र, कृषि उपनिदेशक अनिल कुमार ने संस्था द्वारा सृजिल स्टाल का रिबन काटकर उद्घाटन किया।

कार्यक्रम में बीके सोनिया ने कहा कि समय परिवर्तन के साथ मनुष्य के कर्मों समेत प्रकति में भी गिरावट आ गई है इसलिए अच्छी फसल के लिए मृदा का ख्याल रखना हमारा परम कर्तव्य होना चाहिए। इस अवसर पर हरदुआगंज की प्रभारी बीके कमलेश, बीके सत्यप्रकाश भी मौजूद थे।

 

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