Sat. Oct 24th, 2020

शांतिवन में न्यायविदो के लिए आयोजित सम्मेलन में देशभर से न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े लोग भाग लेने पहुचें इस सम्मेलन में इलाहाबाद उच्च न्यायलय के न्यायधीश देवेन्द्र कुमार अरोरा, कर्नाटक उच्च न्यायलय के पूर्व न्यायधिपति ए.एस पचापुरे, संस्थान की संयुक्त मुख्य प्रशासिक राजयोगिनी दादी जानकी, संस्थान के महासचिव बीके निर्वैर, मीडिया प्रभाग के अध्यक्ष बीके करूणा, राष्ट्रीय संयोजिका डॉ. रश्मि ओझा, मुख्यालय संयोजक लता अग्रवाल मुख्य रूप से उपस्थित थे।

सम्मेलन में आयें अतिथियों ने अपने व्यक्तत्व में कहा कि आज लोगो की निगाहें सिर्फ न्यायिक प्रक्रिया पर ही टिकी है, क्योंकि जब व्यक्ति का समाज से भरोसा उठ जाता है तो वह न्यायलय का रूख करता है, इसलिए न्यायविदो को चाहिए कि वे न्यायिक प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए अपनी निष्ठा बनाये रखें वहीं संस्थान के वरिष्ठ पदाधिकारीयों ने परमपिता परमात्मा को सबसे बडा न्यायकर्ता बताते हुए कहा कि उसकी अदालत में देर पर अंधेर नहीं, भले ही यहां हमें न्यायालय में मिल जाती है परन्तु असली न्याय परमात्मा के दरबार में ही मिलता है अंत में कर्नाटक उच्च न्यायलय के पूर्व न्यायधिपति ए.एस पचापुरे ने बताया कि राजयोग ध्यान हमें बुरें कर्म करने से रोकता है, और इस तरह ही हम होने वाले बुरें कर्मो से बच सकते है ताकि न्यायलय जाने की नौबत ही नहीं आये

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