Fri. Oct 23rd, 2020

34th National Conference on Mind Body Medicine in Gyan Sarovar

कहते हैं सेहत है तो सबकुछ है और खराब सेहत को ठीक करने के लिए लोग डॉक्टर्स के पास जाते हैं। लेकिन तब क्या करें जब डॉक्टर ही बीमार हो किसी भी कारण से मानसिक तनाव से परेशान हो। ऐसे में ये जरूरी है कि भारत देश में जहां 17000 मरीजों पर एक डॉक्टर है वे डॉक्टर्स खुद भी शारीरिक मानसिक रूप से स्वस्थ रहें रोगी का उचित इलाज कर सकें और इन्हीं मुद्दों पर चर्चा करने के लिए माउंट आबू के ज्ञान सरोवर में ब्रह्माकुमारीज संस्थान के मेडिकल विंग द्वारा 34वां नेशनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। जिसमें चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर केवल चर्चा की गई बल्कि उचित मार्गदर्शन करने का प्रयास भी किया गया।

माइंड बॉडी मेडिसिन विषय पर आयोजित इस सम्मेलन का उद्घाटन संस्था के कार्यकारी सचिव बीके मृत्युंजय, ज्ञान सरोवर एकेडमी की निदेशिका बीके डॉ निर्मला, जीवन प्रबंधन विशेषज्ञ बीके शिवानी, चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन के गृह सचिव अनुराग अग्रवाल, दिल्ली में मैक्स हेल्थकेयर ग्रुप के सीईओ राजीत मेहता, इंदौर में मेडि कैप्स यूनिवर्सिटी के कुलपति रमेश मित्तल, स्टेट वेल्फेयर बोर्ड ओड़िशा की अध्यक्ष लतिका प्रधान, मेडिकल विंग के अध्यक्ष बीके डॉ. अशोक मेहता, उपाध्यक्ष बीके डॉ. प्रताप मिड्ढ़ा, कार्यकारी सचिव बीके डॉ. बनारसी लाल, प्रबंधन सचिव बीके डॉ. गिरीश पटेल समेत अनेक चिकित्साविदों ने दीप जलाकर किया वरिष्ठ सदस्यों ने मेडिकल विंग द्वारा किस प्रकार से ईश्वरीय सेवाएं चल रही है उसकी जानकारी दी इसके साथ ही अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों ने मेडिसिन के साथ साथ मेडिटेशन द्वारा हर तरह की बीमारी से छुटकारा पाने की बात कही।

किसी ने ठीक ही कहा है कि पैसा नहीं दुआ देखो मरीजों में खुदा देखो क्योंकि कई बार डॉक्टर्स मरीजों की सेवा के बजाए अपने जेब की सेवा करने में लगे होते हैं, जबकि वास्तव में दुआएं ही मनुष्य का सच्चा धन होती है। और यही बात सम्मेलन में उपस्थित वरिष्ठ चिकित्सकों ने भी कही।

इस सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में संस्था प्रमुख राजयोगिनी दादी जानकी के आर्शीवचनों को सुनकर सभी के अंदर अदभुत शक्ति का संचार हुआ और जीवन जीने की नई प्रेरणा मिली

उद्घाटन सत्र से पूर्व कई सेशन का आयोजन किया गया। जिसके अंतर्गत जीवन प्रबंधन विशेषज्ञ बीके शिवानी ने क्रिएटिंग योर मिरेकल विषय पर चर्चा की और बड़ी ही सहजता के साथ जीवन में खुशी हासिल करने की विधि बताई।

इसके साथ ही हैप्पीट्यूड एन ऐटिट्यूड फॉर लाईफ, डायबिटीक सॉल्यूशन और सेलिब्रेटिंग लाईफ जैसे विषयों पर संस्थान के प्रसिद्ध वक्ताओं ने प्रकाश डाला।

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