Tue. Dec 18th, 2018

ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान बिजली के मामले में धीरे धीरे आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है। अब संस्थान एक मेगावाट बिजली प्रतिदिन पैदा करेगा। सोलार पैनल पर आधारित इस प्रोजेक्ट का उदघाटन संस्था प्रमुख राजयोगिनी दादी जानकी जी ने संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी, कोषाध्यक्ष दादी ईशू, संस्थान के महासचिव बीके निर्वैर, यूरोप एण्ड मिडिल ईस्ट की निदेशिका बीके जयंति, कार्यकारी सचिव बीके मृत्युंजय, मीडिया प्रभाग के अध्यक्ष बीके करूणा, ज्ञानामृत पत्रिका के संपादक बीके आत्म प्रकाश, साइंटिस्ट एण्ड इंजीनियरिंग विंग के उपाध्यक्ष बीके मोहन सिंघल, शांतिवन के मुख्य अभियंता बीके भरत समेत कई वरिष्ठ सदस्यों की उपस्थिति में अपने कर कमलों से किया।

सोलार उर्जा के क्षेत्र में ये पावर प्लांट बहुत ही उपयोगी साबित होगा एक तरफ बिजली की बचत होगी तो वहीं दूसरी ओर सौर उर्जा का भी सदुपयोग हो सकेगा। इस सोलार थर्मल पावर प्लांट में 2816 सोलार पैनल लगे हैं जिसमें एक पैनल 355 वाट का है जो कि आरईसी कंपनी सिंगापुर से लाया गया है। एक पैनल से एक लाख पैतिस हजार यूनिट प्रति मास बिजली पैदा होगी जिसकी कीमत लगभग 10 लाख रूपए होगी। यह पर्यावरण संरक्षण का बेहतरीन उदाहरण है इसे दिल्ली की संहिता टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने 3 मास की अवधि में पूरा किया है।

इस पावर प्लांट के उद्घाटन अवसर पर कार्यक्रम भी आयोजित किया गया जिसमें संस्थान के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने बताया कि संस्थान का हमेशा से उद्देश्य रहा है कि आध्यात्मिक ज्ञान के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कार्य करें।

इस मौके पर संहिता टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टर मनीष कुमार, आबूरोड में सोलार पावर प्लांट के डायरेक्टर बीके जयसिम्हा, इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन बोर्ड के एक्ज़ेगेटिव इंजीनियर रंजीत मारू, इंडिया वन सोलार पावर प्लांट के एडवाइज़र बीके गोलो पिल्ज़, बिजली विभाग के प्रमुख बीके सुधीर समेत कई अन्य सदस्यों ने भी अपने विचार रखे।

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