Wed. Jan 22nd, 2020

कड़कती ठण्डी में ज़ोर दार जश्न के साथ साल 2020 का स्वागत हुआ है, ब्रह्माकुमारीज़ के अन्तर्राष्ट्रीय मुख्यालय में खुशी का अलग ही माहौल रहा एक तरफ नए साल का आगमन हुआ, वहीं दूसरी ओर संस्था प्रमुख राजयोगिनी दादी जानकी जी का 104वां जन्मदिन भी ज़ोर शोर से मनाया गया। जी हां, दादी जानकी जी शतायु की दर को भी कम कर अपने जीवन के 105वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है। बीते दिन शांतिवन के विशाल डायमण्ड हॉल में मौजूद 20 हज़ार से ज़्यादा सदस्यों की मौजूदगी में नए साल और दादी जी का 104वां जन्मदिन ज़ोर शोर से मनाया गया।
नए वर्ष के आगमन पर दादी जानकी ने पुरानी सभी बातों और पुराने संस्कारों का त्याग कर जीवन में नवीन परिवर्तन लाने की बात कहीं। आगे दादी जी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में संस्था के सभी वरिष्ठ पदाधिकारी मुख्य रुप से मौजूद रहे। संस्था की संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी रतनमोहनी, दादी इशु, महासचिव बीके निर्वैर, अतिरिक्त महासचिव बीके बृजमोहन, महाराष्ट्र, आंध्रप्रेदश एवं तेलंगाना ज़ोन की निदेशिका बीके संतोष, कार्यकारी सचिव बीके मृत्युंजय, पंजाब ज़ोन के निदेशक बीके अमीरचंद समेत विदेश की कई वरिष्ठ बीके बहनों ने भी दादी जानकी जी के प्रति अपने दिल के उद्गार व्यक्त किए। 104 साल की उम्र में वहीं उमंग, जोश और जज़्बे से लवरेज एक ऐसी शख्सियत जो ना कभी थकता हो ना कभी रुकता है। ऐसी महान विभूति का नाम राजयोगिनी दादी जानकी। जिसके सामने शतायु का आशिर्वाद छोटा हो गया है। सौ साल ने अपनी हार मान ली है। प्रकृति जीत राजयोगिनी दादी जानकी ने यह सिद्ध कर दिया कि वो नारी शक्ति स्वरुपा है। दादी जी के 104वें जन्मदिन पर पूरा सैलाब उमड़ पड़ा। सबकी यही भावनाये थी, दादी जीओ हज़ारों साल, साल के दिन हो पचास हज़ार। मां की ममता, गुरु की भांति शिक्षा और मार्गदर्शक भूमिका उनकी हर कदमों में ही होती है। जिधर चले दो डग मग में चल पड़े कोटि पग उसी ओर आज साकार हो रहा है। डामयण्ड हॉल की रौनक और जलसा देखने लायक था। सादगी पूर्ण जीवन ने एक साल में 72 हज़ार किमी की यात्रा का रिकार्ड तो बनाया ही समाज में सशक्तिकरण और महिलाओं की आत्म निर्भरता का भी बिगुल फूकती रही है।

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