Thu. Oct 22nd, 2020

सम्मेलन की तीसरे दिन की बात करें.. तो शाम के सत्र से पूर्व.. मुम्बई के प्रसिद्ध भजन सम्राट पद्मश्री अनूप जलोटा ने तबला, वायोलिन और गिटार की धुन पर अपने मधुर स्वर लहरियों से भक्तिमय संगीत का ऐसा जादू बिखेरा कि सभी आध्यात्म की गंगा में डूब गए। संगीत निशा के शुभारम्भ पर जलोटा बोले.. कि आबू की पावन धरा पर आकर और ब्रह्माकुमारीज़ के इस पावन मंच से प्रस्तुति देने का मौका पाकर खुद को धन्य महसूस कर रहा हूँ। वहीं साथी गायक कलाकार कोयल त्रिपाठी की प्रस्तुति ने सभी को मोटिवेट किया। इस दौरान चाइना के कलाकारों ने वंदे मातरम् गीत पर मनमोहक प्रस्तुति देकर सभी को भारतीय संस्कृति की गरिमा और झलक दिखाई। साथ ही कर्नाटक से आए कलाकारों ने भी सुन्दर कत्थक नृत्य से समा बांध दिया।

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