Fri. Oct 23rd, 2020

17th Annual celebrations of Om Shanti Retreat Centre

प्रेम की भाषा बोले सब, जहां न अरबी न फारसी, ईश्वर की सौगात है वो गुरूग्राम का ओआरसी, जी हां हज़ारों लोगों को ईश्वर की कृपा का पात्र बनाने का केंद्र हैं ओम् शांति रिट्रीट सेंटर जिसके 17वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य पर पॉवर ऑफ ब्लेसिंग पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसका शुभारंभ संस्थान की संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी, अतिरिक्त महासचिव बीके बृजमोहन, केंद्रिय कानून एवं न्याय मंत्रालय के सचिव अनूप कुमार वार्ष्णेंय, पोलेण्ड दूतावास के सचिव एन्ड्रेज सुजिंस्की, पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के महामण्डलेश्वर डॉ. स्वामी शाश्वतानन्द गिरी जी महाराज, ओआरसी की निदेशिका बीके आशा, संयुक्त निदेशिका बीके गीता, पूर्वी दिल्ली की प्रभारी राजयोगिनी दादी कमलमणि, गुरूग्राम के अतिरिक्त आयुक्त नरहरि सिंह बांगेर, शक्ति नगर सेवाकेंद्र प्रभारी बीके चक्रधारी, हरिनगर सेवाकेंद्र प्रभारी बीके शुक्ला, जीवन प्रबंधन विशेषज्ञ बीके शिवानी ने केक काटकर किया।
देश की राजधानी दिल्ली की हलचल में तनाव और अशांति का अनुभव करने वालो लोगो को सुकून और सकारात्मक उर्जा से भरपूर करने के स्थान का नाम है ओम् शांति रिट्रीट सेंटर गुरूग्राम में 28 एकड़ में फैला ओआरसी जिसका मकसद राजयोग के माध्यम से व्यक्तियों को आंतरिक क्षमताओं से अवगत कराने व समग्र व्यक्तित्व विकास में मदद करना है
इसका शुभारंभ 19 अप्रैल, 2003 को भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ.ए.पी.जे अब्दुल कलाम ने किया था इस स्थान को मानवीय मूल्यों की शिक्षा देने के लिए केंद्रिय मानव संसाधन विकास मंत्रालय से मान्यता भी प्राप्त है यहां पूरे साल समाज उत्थान के सम्मेलन, रिट्रीट और शिविरों का आयोजन किया जाता है
ओआरसी की सार्थकता इस बात से भी लगाई जा सकती है कि जिसकी 17वीं वर्षगांठ पर राजसत्ता से अनूप कुमार वार्ष्णेंय, धर्म सत्ता से डॉ. शाश्वतानन्द गिरीजी महाराज, पोलेण्ड दूतावास के सचिव एन्ड्रेज सुजिंस्की शामिल हुए।
उत्सव के इस अवसर पर पूरे गुरूग्राम और दिल्ली ज़ोन की सभी वरिष्ठ सदस्य भी मौजूद थी और उन्होनें भी अपनी शुभकामनाओं से सभी को लाभान्वित किया।
इस दौरान कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन गया।

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