Thu. Oct 22nd, 2020

The discussion on Kurukshetra University on the topic of ‘History of Srimad Bhagavad Geeta’, joint research by the University’s Research Council and the Religious Division of the Institute, calls for learning the value of life from the Bhagwad Geeta.

गीता के इतिहास एवं पौराणिक संदर्भ का पुनरावलोकन विषय पर कुरूक्षेत्र यूनिवर्सिटी के सिनेट हॉल में राष्ट्रीय परिचर्चा का आयोजन किया गया। भट्टाचार्य संस्कृत शोध परिषद संस्कृत विभाग कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय एवं ब्रह्माकुमारीज में धार्मिक प्रभाग के गीता शोध विभाग द्वारा आयोजित इस परिचर्चा में कुलपति डॉ. कैलाश चंदर शर्मा, मुंबई से आए बीके राजीव गुप्ता, डॉ. राजकुमार देसवाल, स्थानीय सेवाकेंद्र प्रभारी बीके सरोज, दिल्ली से आयी वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके लक्ष्मी ने अपने विचार जाहिर करते हुए बताया कि गीता एक श्रेष्ठ जीवन जीने का दर्शन है, अपने जीवन को श्रेष्ठ कैसे बनाया जाए इसका वर्णन गीता में है, साथ ही श्रेष्ठ कर्म करने की भी बात कही।

कार्यक्रम के अंत में बीके बहनों ने वहां पर मौजूद विशिष्ट लोगों को ईश्वरीय सौगात भेंट कर दैवीगुणों को धारण करने की प्रेरणा दी।

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