Sat. Oct 24th, 2020

ब्रह्मा बाबा की बेटी बनी वो, ब्राहणों की मम्मा बनी, नारायण की लक्ष्मी बनी वो, विद्वानों की मां सरस्वती बनीं, असुरों के समक्ष शेरनी शक्ति तो क्रोधी पर शीतला बनीं, अपने कई रूपों का सुंदर दर्शन कराते हुए वो 24 जून को फरीश्ता बनीं जी हां आप सभी समझ ही गए होंगे की हम बात कर रहे हैं ब्रह्माकुमारी संस्था की प्रथम मुख्य प्रषासिका राजयोगिनी जगदंबा सरस्वती जी की जिन्हें सभी प्यार और सम्मान से मम्मा कहकर बुलाते थे ऐसी प्रेम और शक्ति स्वरूपा जगदंबे सरस्वती की 55वीं पुण्यतिथि पर ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के मुख्यालय शांतिवन सहित देशभर के अनेक सेवाकेंद्रों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए तो चलिए आज की बुलेटिन की शुरूआत में देखते हैं मातेश्वरी जी की पुण्यतिथि मनाने से जुड़ी कुछ विशेष खबरें।
सबसे पहले ये तस्वीर ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के मुख्यालय शांतिवन की है जहां मातेश्वरी जगदंबा की 55वीं पुण्यतिथि मनाई गई इस मौके पर संस्था की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी, महासचिव बीके निर्वैर, कोषाध्यक्ष राजयोगिनी दादी ईशू, कार्यक्रम प्रबंधिका बीके मुन्नी व यूरोप एवं मिडिलइस्ट की निदेशिका बीके जयंती ने कुछ शब्दों में मम्मा की महिमा का वर्णन किया।
मातेश्वरी जगदंबा की याद में ही इंदौर में ओम शांति भवन के ज्ञान शिखर में कार्यक्रम हुआ जिसमें इंदौर ज़ोन की क्षेत्रीय संयोजिका बीके हेमलता समेत अनेक सदस्यों ने श्रेष्ठ स्मृति से श्रद्धांजलि दी और उनके जीवन से जुड़ी कुछ यादों का ज़िक्र किया।
वहीं महाराष्ट्र में नागपुर के वसंत नगर सेवाकेंद्र पर नागपुर सबज़ोन प्रभारी बीके रजनी समेत अनेक सदस्यों ने मातेश्वरी जी को याद किया और पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
आगे राजकोट में मम्मा दिवस पर ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसके अन्तर्गत गुजरात ज़ोन की निदेशिका बीके भारती, वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके अंजू, बीके किंजल ने उनकी विशेषताओं का वर्णन कर श्रद्धासुमन अर्पित किया तथा उपस्थित लोगों को ईश्वरीय प्रसाद दिया। बिलासपुर के टिकरापारा सेवाकेंद्र पर प्रभारी बीके मंजू ने मम्मा के चरित्र पर प्रकाश डाला तो बिहार के मुजफफरपुर में सबज़ोन प्रभारी बीके रानी ने भी अपने विचार रखे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *