Involvement of 50 Religious Representatives, including Brahma Kumaris, on infant care and vaccination in Sanchi, Bhopal, organized by Interfaith dialogue, NGO.

भोपाल के सांची में जहां भोपाल के गैर सरकारी संगठन स्पंदन ने यूनिसेफ मध्यप्रदेश के सहयोग से नवजात शिशु देखभाल और टीकाकरण पर इंटररीलिजस डायलॉग का आयोजन किया था। इस सम्मेलन में ब्रह्माकुमारीज समेत 50 धर्मगुरू शामिल हुए जिसका उद्देश्य नवजात शिशु के मृत्यु दर को कम करने के प्रयासों में धर्मगुरूओं का सहयोग प्राप्त करना था।

सम्मेलन की शुरूआत में यूनिसेफ में स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव गौरी सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग सभी सुविधाएं और सेवाएं प्रदान कर रहा है लेकिन समुदाय से जुड़ाव नहीं है। और धर्मगुरूओं के अनुयायी बड़ी संख्या में है तथा लोग उनकी बात को महत्व देते हैं। इसलिए इस पहल में सहयोग के लिए धर्मगुरूओं को आगे आना चाहिए।

मौके पर उपस्थित गुलमोहर कॉलोनी सेवाकेंद्र प्रभारी बीके रीना ने बताया कि किस तरह नवजात शिशु पूर्व जन्मों के संस्कार अपने साथ लेकर आता है साथ ही गर्भ के समय मां का बच्चे पर क्या असर पड़ता है इसकी भी जानकारी दी और राजयोग का बच्चे और मां पर पड़ने वाले सकारात्मक असर से सभी को अवगत कराया।

इस अवसर पर हिंदू मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई और जैन जैसे प्रमुख धर्मो और पंथों का प्रतिनिधित्व करने वाले गुरूओं ने सहमति व्यक्त की है कि शिशुओं के स्वास्थ्य विकास को सुनिश्चित करने ओर उनकी मृत्यु को रोकने के लिए नवजात व मातृ स्वास्थ्य देखभाल के साथ पूर्ण टीकाकरण अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस सम्मेलन में स्पंदन से डॉ अनिल सौमित्रा, श्रीपद भक्ति निष्काम शांता महाराज, यूनिसेफ के ऑफिस इंचार्ज मनीश माथुर, हेल्थ ऑफिसर मितल सैंकेट शाह समेत कई धर्मगुरू शामिल थे।

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