Fri. Oct 30th, 2020

शिक्षा वही है जो जीवन जीना सिखा दें ये कहना है, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया का बुलेटिन की शुरुआत आज राजधानी दिल्ली से जहां हरि नगर में ब्रह्माकुमारीज़ के सेवाकेन्द्र पर एजुकेटर्स कॉन्फ्रेन्स रखी गई थी, जहां मूल्य शिक्षा और आध्यात्मिकता के माध्यम से खुशी को बढ़ाए विषय पर चर्चा आयोजित हुई, इस चर्चा में अपना वक्तव्य देते हुए मनीष सिसोदिया ने शिक्षा का सही अर्थ स्पष्ट किया।

आगे दिल्ली सरकार द्वारा चलाए जा रहे हैप्पीनेस पाठ्यक्रम की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि किस तरह इस पाठ्यक्रम के ज़रिए.. बच्चों में नैतिक मूल्यों की धारणा के लिए उनको कई बौद्धिक गतिविधियां कराई जाती है जिसकी शुरुआत प्रतिदिन मेडिटेशन से होती है। इस पाठ्यक्रम के दौरान बच्चों में आए परिवर्तनों एवं उनके अनुभवों का जिक्र मनीष सिसोदिया ने इस सम्मेलन के दौरान किया।

इस सम्मेलन का उद्घाटन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के अध्यक्ष डॉ. अनिल सहासराबुध, केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्रालय के ऊंच शिक्षा विभाग की ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी डॉ. शकीला शमशु, जामियि मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ए.पी. सिद्दीकी, एन.सी.ई.आर.टी के सचिव मेजर हर्ष तथा संस्थान के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों के द्वारा हुआ, जिसके पश्चात् आए हुए शिक्षाविदों ने आयोजित विषय पर अपने विचार रखे।

आगे शक्ति नगर सेवाकेन्द्र की प्रभारी बीके चक्रधारी ने आत्मा का ज्ञान दिया तो वहीं संस्था में शिक्षा प्रभाग के अध्यक्ष बीके मृत्युंजय ने कर्मों की गहराई पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर उनके साथ हरिनगर सेवाकेन्द्र की प्रभारी बीके शुक्ला भी मुख्य रुप से मौजूद रही।

इसी क्रम में मोटीवेशनल ट्रेनर बीके प्रो. ई.वी. स्वामीनाथन ने खुश रहने के लिए सभी को कई गतिविधियां कराई, साथ ही राजयोग के अभ्यास द्वारा आन्तरिक सुख का अनुभव भी कराया।

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