Sat. Oct 31st, 2020

राजधानी दिल्ली, जहां इंदिरागांधी स्टेडियम में ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान द्वारा ‘नाजुक समय के लिए आध्यात्मिक समाधान’ विषय पर एक दिवसीय महासम्मेलन में देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी शरीक हुए साथ ही इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भारत सहित 132 देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
देश आज गरीबी, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और पारिवारिक हिंसा का तंज तो झेल ही रहा है लेकिन इन सब से भयावय समस्या है मनुष्यों पर काम, क्रोध, लोभ और मोह जैसे विकारों का कसता सिकंजा जिसने समस्त मानव जाति को निराशा, भय, अशान्ति, असन्तुष्टा और अवसाद के गर्त में ढ़केल दिया है।
मेडिकल साईंस और आधुनिक सुविधा के साधन भी इस समस्या के आगे पूरी तरह से कारगर होते प्रतीत नहीं हो रहे हैं ऐसे नाजुक समय में आध्यात्मिकता ही एकमात्र सहारा है जो देश को नई दिशा और दशा प्रदान कर सके।
ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान समस्त मानव जाति को इन समस्याओं से उभारने के लिए ऐसे बड़े सम्मेलनों का आयोजन करता रहता है। इस आयोजन में अर्जेन्टीना की वाईस प्रेसिंडेट गेब्रियाला मिशेट, संस्थान के अतिरिक्त महासचिव बीके ब्रजमोहन, यूके के वरिष्ठ पत्रकार नेविल हॉजकिन्सन, लीडरशिप प्रोजेक्ट के प्रेरता विक्टर परटन, ब्राजील से मैनेजमेंट एक्सपर्ट केन ओ डेनियल, ऑस्ट्रेलिया में ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के निदेशक बीके चार्ली हॉग, भारत में गुरूग्राम के ओम् शांति रिट्रीट सेंटर की निदेशिका बीके आशा ने 132 देशों से आए अतिथियों को संबोधित किया।

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