Wed. Jun 3rd, 2020

ब्रह्माकुमारी संस्थान के मुख्यालय से है, 616 प्रवासियों को लेकर आन्ध्र प्रदेश विशेष ट्रेन रवाना हुई जो लगभग 40 दिनों से आबू रोड में फंसे हुए थे उन्हें उनके घर सुरक्षित रूप से पहुंचाने के लिए ये कदम उठाया गया। देश में लॉक डाउन की घोषणा के बाद सिरोही जिले के आबू रोड स्थित ब्रह्माकुमारीज संस्थान में रह रहे आन्ध्र प्रदेश के 578 लोगों को लेकर 5 अप्रैल की रात्रि 12.15 मिनट पर विशेष ट्रेन आबू रोड से आन्ध्र प्रदेश के लिए रवाना हो गयी। इसमें आन्ध प्रदेश के विभिन्न जिलो से संस्थान से जुड़े भाई बहन थे जो ब्रह्माकुमारीज संस्थान में 20 मार्च को आयोजित होने वाले बापदादा मिलन कार्यक्रम में हिस्सा लेने आये थे। लेकिन कार्यक्रम निरस्त होने तथा देश में लॉक डाउन होने के कारण वे रुके हुए थे।
दरअसल ये सभी लोग बापदादा मिलन कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए आबू रोड आये थे। लेकिन करोना के बढ़ते प्रकोप के कारण 20 मार्च को कार्यक्रम रदद कर दिया गया था। लेकिन इन लोगों की ट्रेन 24 मार्च को थी जो कि लॉक डाउन घोषित होने के बाद ट्रेन तथा अन्य यातायात रदद कर दिये गये थे। इसके बाद ये लोग ब्रह्माकुमारीज में ही रुक गये। ये सभी लोग किसान थे और उनकी फसलों की कटाई का समय था। ब्रह्माकुमारीज संस्थान ने भारत सरकार के गृहमंत्री अमित शाह, राजस्थान सरकार तथा आन्ध्र प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर ट्रेन की मांग थी जिससे इन लोगों को भेजा जा सके। तीनों सरकारों से छुटटी मिलने के बाद माउण्ट आबू एसडीएम रविन्द्र गोस्वामी, ब्रह्माकुमारीज संस्था के कार्यकारी सचिव बीके मृत्युंजय, तहसीलदार तथा आरपीएफ एवं जीआरपी के अलवा पुलिस अधिकारी मौजूदगी में विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया और वे 36 घंटे की यात्रा कर अपने अपने घरों को पहुंच गये।
रवाना होने से पूर्व सबकी स्क्रीनिंग तथा सोशल डिस्टेसिंग का पूरा पालना कराया गया साथ ही उन्हें वहॉं जाने के बाद भी स्क्रीनिंग कराने की सलाह दी गयी। इस ट्रेन में ब्रह्माकुमारीज संस्थान में रुके आन्ध्र प्रदेश के 578 लोग तथा शेष सिरोही जिले के आस पास के 48 लोग भी सवार हुए। कुल 616 लोगों को लेकर यह ट्रेन अपने आन्ध्र प्रदेश पहुंची। इन प्रवासियों के चेहरे पर साफ खुशी झलक रही थी। इसके साथ ही संस्थान में रूके तेलंगाना के 90 लोग भी बसों से रवाना हो गये।
गौरतलब है कि इसी कार्यक्रम में भाग लेने आए महाराष्ट् के भी 1600 लोग भी जो लॉक डाउन के कारण रुक गये थे उन्हें भी बसों के माध्यम से भेजा गया इस पूरी प्रक्रिया में सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ख्याल रखा गया था साथ ही जाने वाले प्रत्येक लोगों को मास्क व आवश्यक दवाईयां दी गई थी फिलहाल राहत की बात ये है कि इतने लंबे समय के इंतजार के बाद माउंट आबू मे रूके महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना से आए लगभग 2300 लोग अपने अपने घरों में पहुंच गए हैं।

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