Tue. Nov 12th, 2019

Tinsukia, Assam

अनुसंधान से पता चला है कि हमारे मन में पूरे दिन भर में साठ हजार के लगभग विचार पैदा होते हैं जिसमें से साठ प्रतिशत व्यर्थ होते हैं। अब हमें इन विचारों की गति को कम करना है। ताकि हमारी शक्ति व्यर्थ में खत्म न हो। यह बात कही इन्टरनेशनल माइण्ड व मेमोरी मैनेजमेन्ट ट्रेनर बीके शक्तिराज सिंह ने असम के तिनसुकिया में आयोजित ’खुशियों का बिग बाजार’ के दूसरे दिन ‘मन का सकारात्मक प्रबन्धन‘ विषय पर बोल रहे थे।
कार्यक्रम का शुभारम्भ बीके शक्तिराज, जिला प्रशासन के एक्स प्रेसिडेंट मीरा सिंह, सबजोन प्रभारी बीके सत्यवती, अरुणाचल प्रदेश में रोइंग सेवाकेंद्र प्रभारी बीके जितामानी, मिजोरम में कोलसिब सेवाकेंद्र प्रभारी बीके मंजू समेत वरिष्ठ बीके सदस्यों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं केक कटिंग कर हुआ था शिविर में प्रतिभागियों को विभिन्न एक्टिविटीज कराकर बीके शक्तिराज ने मेडिटेशन से मन को पॉजिटिव्ह कमांड देकर नेगेटिव थॉट को काउंसलिंग करने की ट्रेनिंग दी तो वही शिविर के समापन सत्र में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव भी सभी के साथ साझा किये।

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