Fri. Oct 30th, 2020

Kolkata

कोलकाता के आशुतोष मुखर्जी रोड पर भी चैतन्य झांकी का दर्शन करने के लिए लोगो का तांता लगा रहा झांकी में देवियों के रूप में सजी कन्याएं, राजयोग की अभ्यासी हैं जिनकी एकाग्रता और सौम्यता देखकर लोग एक समय अचरच में पड़ गये की यह देवियां चैतन्य है या जड।
चैतन्य देवियों की सजी यह झांकी अन्य झांकियों से अलग इसलिए थी, क्योंकि यहां किसी मूर्तिकार द्वारा निर्माण की हुई देवी माता की जड़ मूर्ती नहीं थी, बल्कि यहां ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा प्रतिदिन सिखये जाने राजयोग का अभ्यास करने वाली कन्याएं देवियों के विभिन्न स्वरूपों को धारण कर विराजमान थी उनकी एकाग्रता को देख लगता कि यह जड़ मूर्तिया ही तो हैं, परन्तु भक्तों को जब बताया जाता कि यह साक्षात कन्याअें हैं, जो परमपिता शिव की स्मृति में समाई हैं तो श्रद्धालु अचरच में पड़ जाते थे इस चैतन्य झांकी का शुभारंभ पश्चिम बंगाल सरकार के सुरक्षा निदेशक विरेन्द्र, एडीजी संजय मुखर्जी, श्रेयी के अध्यक्ष एच.पी. कनोरिया, सेवाकेंद्र प्रभारी बीके कानन ने दीप जलाकर किया।

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