Wed. Oct 16th, 2019

Denkanal, Odisha

नैतिक मूल्यों से व्यक्तित्व में निखार, व्यवहार में सुधार तो आता ही है… लेकिन इसकी धारणा से आतंरिक सशक्तिकरण से इच्छाओं को कम कर भौतिकता की आंधी से बचा भी जा सकता है…. यह उक्त विचार रखे वरिष्ठ राजयोग प्रशिक्षक बीके भगवान ने..जब वो ओड़िशा के ढेंकनाल स्थित ई टेक आवासीय महाविद्यालय में सकारात्मक चिंतन से नैतिक मूल्य विषय के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को मार्गदर्शित कर रहे थे. इस मौके पर स्थानीय सेवाकेंद्र प्रभारी बीके उषा, डॉ. सुरेश कुमार महंती, प्राचार्य सुरेश कुमार मिश्र भी मौजूद रही।

कंकडाहाड गावं के ग्राम पंचायत हाई स्कूल में प्राचार्य गंगाधर साहू की मुख्य उपस्थिति में बीके भगवान ने चरित्र निर्माण और समाजीकरण की भावना के विकास के लिए बच्चो को अपनी दैनिक जीवनशैली में राजयोग अभ्यास को शामिल करने की अपील की. इस कार्यक्रम में बीके सदस्यों में बीके उषा, बीके जानेजा, बीके मंजू समेत स्कूल का पूरा स्टाफ भी उपस्थित था।

ऐसे ही आगे जिला कारागार में संस्कार परिवर्तन अपराधमुक्त जीवन विषय के तहत बीके भगवान ने कैदियों को संबोधित करते हुए नफरत भाव को मिटाकर, अतीत को भुलाकर, अपने व्यवहार में परिवर्तन लाकर सबको दुआएं देने और सबसे दुआए लेने की बात कही. इस अवसर पर सभी कैदियों को अंत में परमपिता परमात्मा से जुड़ने की विधि सिखाई गई साथ ही जेल उपाधीक्षक सोमार्जनी प्रधान को ईश्वरीय सौगात भी भेट की गई।

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